रक्षाबंधन पर मायके आई दो बहनों के बच्चे खेलते-खेलते तालाब में डूब गए। ग्रामीणों ने बचाया और अस्पताल ले गए, लेकिन बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पूरे गांव में शोक का माहौल है।

रक्षाबंधन पर्व मनाने के लिए दो सगी बहनें अपने बच्चों के साथ मायके आई थीं। पूरे परिवार ने शनिवार को हंसी-खुशी के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया था। दूसरे दिन कजलिया पर्व में दोनों बहने के एक-एक बेटे खेलते-खेलते गांव के तालाब में पहुंच गए और डूब गए। ग्रामीण जनों ने बच्चों को डूबता देख उन्हें बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल ले गए। अस्पताल स्टाफ ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मझगवां पुलिस के अनुसार ग्राम सरोली निवासी कालू कोल की बेटी मझगवां निवासी संध्या तथा दूसरी बेटी रानू अपने बच्चों के साथ रक्षाबंधन पर्व पर शनिवार को मायके आई थी। बेटे आशिक कोल (8) के साथ रक्षाबंधन पर्व पर शनिवार को मायके आई थी। दोनों की कोई बेटियां नहीं थीं। संध्या का बेटा देव (6) अपने दोनों भाइयों में सबसे छोटा तथा रानू का बेटा आशिक तीनों भाइयों में सबसे बड़ा था। शनिवार को मामा की बेटियों ने दोनों भाइयों सहित अन्य भाइयों को राखी बांधी थी।
शनिवार को दोनों बहन मायके में रुक गई थीं। रविवार को कजलियां का त्योहार होने के कारण दोपहर के समय देव तथा आशिक खेलते-खेलते तालाब में पहुंच गए और उसमें डूब गए। ग्रामवासियों ने जब दोनों बच्चों को डूबते देखा तो उन्हें बचाने तालाब में कूद गए। ग्राम वासियों ने दोनों बच्चों को बाहर निकालने के बाद परिजनों के साथ उन्हें उपचार के लिए सिहोरा अस्पताल ले गए। अस्पताल स्टाफ ने प्रारंभिक जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पंचनामा कार्यवाही के बाद पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। इस घटना ग्राम में मातम का माहौल व्याप्त है।
