भारत के वनडे टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने यशस्वी से बातचीत की और उन्हें मुंबई टीम छोड़ने से रोका। रोहित ने यशस्वी को समझाया कि करियर के इस मोड़ पर घरेलू टीम बदलना सही नहीं है।

यशस्वी जायसवाल
भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने इस साल चौंकाने वाला फैसला लेते हुए घरेलू क्रिकेट में मुंबई टीम छोड़ने का फैसला लिया था। बताया जा रहा था कि यशस्वी मुंबई के बजाए गोवा के लिए खेलेंगे और उन्होंने इसके लिए मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी मांग ली थी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपने फैसले पर यू-टर्न लिया और मुंबई टीम में ही रुकने का फैसला किया। अब यशस्वी के इस फैसले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।
रोहित ने यशस्वी को समझाया
मुंबई मिरर की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के वनडे टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने यशस्वी से बातचीत की और उन्हें मुंबई टीम छोड़ने से रोका। रोहित ने यशस्वी को समझाया कि करियर के इस मोड़ पर घरेलू टीम बदलना सही नहीं है और साथ ही उन्हें भारत में खेलने के उनके सपने को पूरा करने में मुंबई की भूमिका की याद दिलाई। इसके बाद यशस्वी ने अपने फैसले पर यू-टर्न लिया।
मुंबई मिरर की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के वनडे टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने यशस्वी से बातचीत की और उन्हें मुंबई टीम छोड़ने से रोका। रोहित ने यशस्वी को समझाया कि करियर के इस मोड़ पर घरेलू टीम बदलना सही नहीं है और साथ ही उन्हें भारत में खेलने के उनके सपने को पूरा करने में मुंबई की भूमिका की याद दिलाई। इसके बाद यशस्वी ने अपने फैसले पर यू-टर्न लिया।
एमसीए अध्यक्ष ने किया खुलासा
एमसीए के अध्यक्ष अजिंक्य नाईक ने इस रिपोर्ट के हवाले से कहा, रोहित ने यशस्वी से करियर के इस पड़ाव पर मुंबई टीम में ही रहने को कहा। रोहित ने यशस्वी को समझाया कि मुंबई जैसी टीम के लिए खेलना बहुत गर्व और प्रतिष्ठा की बात है, जिसने रिकॉर्ड 42 बार रणजी ट्रॉफी जीती है। रोहित ने यशस्वी से यह भी कहा कि उसे यह नहीं भूलना चाहिए कि मुंबई क्रिकेट की वजह से ही उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और भारत के लिए खेलने का मंच मिला और इसके लिए उन्हें इस शहर का आभारी होना चाहिए। यहीं मुंबई में उसने मैदानों पर क्रिकेट खेलना शुरू किया और फिर मुंबई की सभी आयु वर्ग की टीमों के लिए चुना गया।
एमसीए के अध्यक्ष अजिंक्य नाईक ने इस रिपोर्ट के हवाले से कहा, रोहित ने यशस्वी से करियर के इस पड़ाव पर मुंबई टीम में ही रहने को कहा। रोहित ने यशस्वी को समझाया कि मुंबई जैसी टीम के लिए खेलना बहुत गर्व और प्रतिष्ठा की बात है, जिसने रिकॉर्ड 42 बार रणजी ट्रॉफी जीती है। रोहित ने यशस्वी से यह भी कहा कि उसे यह नहीं भूलना चाहिए कि मुंबई क्रिकेट की वजह से ही उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और भारत के लिए खेलने का मंच मिला और इसके लिए उन्हें इस शहर का आभारी होना चाहिए। यहीं मुंबई में उसने मैदानों पर क्रिकेट खेलना शुरू किया और फिर मुंबई की सभी आयु वर्ग की टीमों के लिए चुना गया।
यशस्वी ने अप्रैल में सभी को चौंकाते हुए एमसीए से किसी अन्य राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए एनओसी देने की मांग की थी। एमसीए ने शुरुआत में एनओसी देने की उनकी अपील को स्वीकार कर लिया था। यशस्वी गोवा की टीम से जुड़ने के साथ उसके कप्तान बनने की राह पर थे। उन्होंने हालांकि मई में एमसीए को एनओसी जारी करने के उनके अनुरोध को वापस लेने की मांग करते हुए पत्र लिखा था। एमसीए की शीर्ष परिषद ने यशस्वी के एनओसी वापस लेने के अनुरोध को मंजूरी दे दी थी।
Author: planetnewsindia
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