कर्नाटक के धर्मस्थल में दो गुटों की झड़प मामले में तनाव बढ़ता ही जा रहा है। इसी बीच इस मामले में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि इस झड़प के मामले में जो भी दोषी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।

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कर्नाटक के धर्मस्थल के पास दो गुटों के बीच हुई झड़प के मामले में सीएम सिद्धारमैया ने सख्त निर्देश उठाने की बात कही है। गुरुवार को उन्होंने कहा कि धर्मस्थल के पास दो गुटों के बीच हुई झड़प के मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बताया कि इस मामले में दोनों पक्षों की तरफ से शिकायतें और जवाबी शिकायतें मिली हैं। पुलिस को पूरी जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
गृह मंत्री परमेश्वर ने कहा कि एसआईटी पूरी तकनीकी तरीके से जांच कर रही है और सरकार उसमें दखल नहीं देगी। उन्होंने कहा कि झड़प की वजह क्या थी, कौन जिम्मेदार है और इसका मकसद क्या था, इसकी जांच की जाएगी और उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग झूठी बातें फैला रहे हैं और भड़काऊ बयान दे रहे हैं, लेकिन एसआईटी का काम सच्चाई सामने लाना है और वह सही दिशा में काम कर रही है।
बता दें कि ये पूरा घटनाक्रम बीते बुधवार शाम दक्षिण कन्नड़ जिले के धर्मस्थल के पास हुआ। जहां धर्मस्थल के पास पंगल क्रॉस इलाके में उस वक्त तनाव फैल गया, जब तीन यूट्यूब चैनलों के चार लोगों (जिसमें एक कैमरामैन भी शामिल था) पर भीड़ ने हमला कर दिया। ये लोग एक व्यक्ति का इंटरव्यू कर रहे थे। यह मामला उस समय चर्चा में आया, जब एक विशेष जांच दल (एसआईटी) धर्मस्थल में कथित सामूहिक दफन और हत्या के आरोपों की जांच कर रहा है। यह स्थान एक कॉलेज छात्रा के घर के पास है, जिसकी 2012 में दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी।झड़प के दौरान दोनों गुटो ने किया पथराव
जानकारी के अनुसार झड़प के दौरान दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर पथराव किया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। रात को एक गुट ने धर्मस्थल थाने के बाहर प्रदर्शन किया और पवित्र स्थल की छवि खराब करने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
SIT जांच का क्या है मामला?
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने हाल ही में एक पूर्व सफाईकर्मी की गवाही के बाद एसआईटी गठित की है। उसने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया कि उसने 1995 से 2014 के बीच धर्मस्थल में कई शवों को दफनाया था। इन शवों में महिलाओं और नाबालिगों के भी शव शामिल थे, जिनमें से कुछ के साथ कथित तौर पर यौन शोषण हुआ था। एसआईटी ने उसकी जानकारी पर 13 स्थानों की खुदाई की। छठे स्थान पर एक पुरुष के कंकाल के अवशेष मिले हैं। अन्य स्थानों पर या तो कुछ नहीं मिला या पहाड़ी के पास कुछ हड्डियां मिलीं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।