प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि शरीर कितना भी सेहतमंद क्यों न हो, अगर कांटा चुभता है तो पूरे शरीर को दर्द होता है। इसलिए हमने तय कर लिया कि उस कांटे को निकाल कर ही दम लेंगे। आतंकवादियों ने जब पीओके पर अवैध कब्जा किया, अगर उसी दिन उन मुजाहिद्दीनों को मौत के घाट उतार दिया गया होता तो आज ये हालात न होते।

पीएम मोदी ने कहा कि शरीर चाहे कितना भी मजबूत या स्वस्थ क्यों न हो, एक भी कांटा लगातार दर्द दे सकता है। इसलिए हमने तय किया है कि कांटा निकालना ही होगा। 1947 में मां भारती के टुकड़े हुए। कटनी चाहिए थीं जंजीरें, लेकिन काट दी गईं भुजाएं। देश के तीन टुकड़े कर दिए गए और उसी रात पहला आतंकी हमला कश्मीर की धरती पर हुआ। मां भारती का एक हिस्सा आतंकवादियों के बलबूते पर मुजाहिदीनों के नाम पर पाकिस्तान ने हड़प लिया। अगर उसी दिन इन मुजाहिदीनों को मौत के घाट उतार दिया गया होता और सरदार पटेल की बात मान ली गई होती, तो 75 साल से चला आ रहा ये आतंकी घटनाओं का सिलसिला देखने को नहीं मिलता। सरदार पटेल चाहते थे कि जब तक पीओके हमें वापस न मिल जाए, सेना वापस नहीं आनी चाहिए, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई।
उन्होंने कहा कि ये मुजाहिद्दीन के मुंह में खून लग गया था। ये सिलसिला 75 सालों से चल रहा है। पहलगाम में भी उसी का विकृत रूप था। 75 साल तक हम इसे झेलते रहे। पाकिस्तान के साथ जब-जब युद्ध की नौबत आई, हर बार भारत की सैन्य शक्ति ने पाकिस्तान के धूल चटा दी। पाकिस्तान समझ गया कि लड़ाई में वह भारत से जीत नहीं सकता। इसीलिए उसने प्रॉक्सी वॉर का सहारा लिया। उसने आतंकी तैयार करने शुरू किए। उन्हें भारत भेजने लगा। हम जब उनके आतंकियों को घर में घुसकर मारते हैं तो वे सम्मान के साथ दहशतगर्दों को विदाई देते हैं।
Author: planetnewsindia
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