Jaunpur Murder Case: जाैनपुर में राॅड और हथाैड़े से मारकर पिता और उसके दो बेटों की हत्या करने के मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। बताया गया कि इनसे पुरानी रंजिश थी, इसलिए आरोपी और उसके दामाद ने मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया।

Jaunpur Crime News: सिरकोनी के कचंगाव अंडरपास के समीप इमलो क्षेत्र के महमदपुर कांध गांव निवासी लालजी वेल्डिंग व जेसीबी बनाने का काम कई वर्षों से कर रहे थे। पिता के इस काम में उनके दोनों बेटे गुड्डू (33) व यादवीर (25) हाथ बंटाते थे।
गुड्डू के साले देवेंद्र अफसोस कर रहे थे कि काश, वह बहन की बात मानकर रात में ही कारखाने चले गए होते तो शायद उनके बहनोई गुड्डू जिंदा होते।

काम खत्म होने के बाद तीनों में से कोई न कोई रात में घर जरूर जाता था। कोई यहां पर सामान की रखवाली के लिए रुक जाता था। रविवार को अचानक क्या हुआ कि तीनों में से कोई रात में घर नहीं गया। ये बात बहन सरिता को सताने लगी।

तिहरे हत्याकांड से व्यथित देवेंद्र अफसोस कर रहे थे कि काश वे अपनी बहन की बात सुनकर रात में ही कारखाना चले गए होते तो शायद घटना टल सकती थी। उनके बहनोई गुड्डू जिंदा होते। बहन के परिवार के साथ ऐसी अनहोनी नहीं होती।

हत्याकांड की सूचना पर सोमवार की सुबह पुलिस कजगांव अंडरपास स्थित कारखाने पर पहुंची। बड़े बेटे गुड्डू (33) व छोटे बेटे यादवीर (25) का शव जमीन पर पड़ा था। कमरे की स्थिति बता रही थी कि हत्यारों की लालजी और दोनों बेटों की हाथापाई हुई होगी। शायद हमलावर तीनों को घायल करने के बाद उन्हें घसीटते हुए उस कमरे में ले गए थे। वहां तीनों की कूंचकर हत्या की थी। करीब 5 मीटर तक बहा खून हत्याकांड की कहानी बता रहे थे।

बहू सरिता ने बताया कि पति पर एक वर्ष पहले भी जगदीशपुर गांव निवासी पूर्व बसपा जिलाध्यक्ष पलटू राम नागर ने जानलेवा हमला किया था। पति के हाथ-पैर टूट गए थे। किसी तरह उनकी जान बच पाई थी। कहा कि जगदीशपुर स्थित किराये की दुकान को लेकर पलटू राम ने ससुर से बहुत पैसा लिया था। इसी पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा है।
पापा… शाम को प्रदर्शनी दिखाने के लिए शहर ले जाएंगे
धर्मापुर। गुड्डू के दोनों बच्चे 10 वर्षीय आर्यन और आठ वर्षीय अवी अपने पिता की मौत से बेखबर थे। दोनों एक-दूसरे के साथ खेलते नजर आएं। आर्यन कह रहा था कि आज उसके पापा शाम को प्रदर्शनी दिखाने के लिए शहर ले जाएंगे। मासूम की बात सुनकर रिश्तेदार राजदेव फफक पड़े। ग्रामीणों ने दबी जुबान से बताया कि लालजी का दूसरा बेटा इस समय जेल में है। किसी लड़की के मामले में सजा काट रहा है। वहीं यादवीर कि शादी पक्की होने वाली थी।

लालजी के परिवार में उनके तीन बेटे गुड्डू, जिलाजीत व यादवीर कमाने वाले थे। जिलाजीत एक मुकदमे में जेल में बंद है। घर के मुखिया समेत दोनों बेटों की मौत से पूरा परिवार गमगीन है। बहू सरिता व सास प्रभावती का सुहाग उजड़ चुका है। दोनों बदहवास हैं। रिश्तेदारों ने चिंता जताई कि आखिरकार परिवार की रोजी-रोटी कैसे चलेगी। अब कोई कमाने वाला नहीं बचा है। मझला बेटा जिलाजीत जेल में है। पता नहीं उसे कब जमानत मिलेगी। बच्चे अभी छाेटे हैं।

सपना के रोने व चीखने की आवाज से मौजूद सबकी आंखें नम हो गईं। सपना यही बार-बार कह रही थी कि आखिर क्यों किसी ने मेरे पिता और भाई को मार डाला। पीड़ित परिवार को संभालने के लिए रिश्तेदार भी पहुंच गए थे।
घर की बिलख रहीं महिलाओं को लोग संभालने में जुटे थे। उधर, गांव के लोगों ने बताया कि इस समय लालजी और दोनों बेटे लगातार व्यवसाय में सफल हो रहे थे। अचानक हुई इस वारदात से पूरे गांव में मातम है। सुरक्षा के तहत लालजी के घर पर दो उप निरीक्षक और चार हेड कांस्टेबल तैनात रहे।
Author: planetnewsindia
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