
माता-पिता के चिंवित होने का किया उल्लेख
रांदेर की दीनदयाल सोसायटी में रहने वाले 24 वर्षीय युवक ने सुसाइड नोट लिखकर फांसी लगा ली। जिसमें युवक ने कहा, मेरी बहन की सगाई टूट गई और वह घर पर – रह रही थी, जिससे उसके माता-पिता चिंतित थे। मैं उन्हें दुःखी नहीं देख सकता। मैं एक योद्धा हूं और योद्धा मुक्त होता है। इस तरह की बातों का उल्लेख किया है। मृतक – युवक की आत्महत्या के समय उसके माता-पिता और बहन दर्शन के लिए सोमनाथ मंदिर गए थे।
रांदेर क्षेत्र के दीनदयाल सोसायटी निवासी जनककुमार जोशी एक निजी कंपनी में सेल्समैन के रूप में काम करते हैं और अपनी पत्नी, बेटे कृष्णा और बेटी सहित परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी बेटी कृष्णा ने बी. कॉम की पढ़ाई पूरी कर ली है और फिलहाल नौकरी की तलाश में है। इस बीच जनककुमार अपनी पत्नी और बेटी के साथ सोमनाथ मंदिर दर्शन के लिए गए। इसके बाद गत दोपहर को कृष्णा ने घर में लगे हुक से कपड़ा बांधा और फांसी लगा ली। परिवार के फोन करने पर क्रिष्णा द्वारा फोन नहीं उठाने पर शंका हुई। इसलिए, पास में रहने वाले एक रिश्तेदार को सूचित कर घर भेजा गया। खिड़की से देखने वालों ने
क्रिष्णा को फांसी पर लटका हुऑ पाया। पूरे मामले की सूचना स्थानीये रांदेर पुलिस को दी गई। जांच के दौरान पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला। जिसमें लिखा था, %% मेरी बहन की सगाई टूट गई थी और वह घर पर रह रही थी, जिससे उसके माता-पिता चिंतित थे। मैं उनकी पीड़ा देख नहीं सकता। मैं अपनी आँखें बंद करता हूँ, मुझे आशा है कि आप मेरे लिए शोक नहीं मनाएंगे। हमेशा खुश रहो मैं अपने माता-पिता को दुखी नहीं देख सकता। मैं उपरोक्त प्रत्येक वाक्य सचेत अवस्था में लिख रही हूँ। मैं एक योद्धा हूं और योद्धा स्वतंत्र होता है। रांदेर पुलिस ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई कर आगे की जांच शुरू की है। रिपोर्टर आशीष शुक्ला प्लानेट न्यूज़ सूरत गुजरात इंडिया




