जानकार कहते हैं कि इस तरह फर्मों का पंजीकरण होना और निरस्त होने में उस समय के विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी शामिल हो सकती है।

अलीगढ़ में ताला कारीगर योगेश शर्मा को मिले आयकर विभाग के 89 लाख रुपये के नोटिस के मामले में जांच के बाद परतें दर परतें खुल रही हैं। योगेश के पैन कार्ड पर वर्ष 2018 से लेकर 2023 तक चार बार दिल्ली राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग में पंजीकरण किया गया। बाद में उसे समाप्त कराया गया
इन पंजीकरण की गई फर्मों पर आटा, हार्डवेयर, लोहे आदि का व्यापार किया गया। जानकार कहते हैं कि इस तरह फर्मों का पंजीकरण होना और निरस्त होने में उस समय के विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी शामिल हो सकती है।
जीएसटी विभाग के जानकार कहते हैं कि जब भी किसी फर्म का पंजीकरण होता है, तब विभाग का एक अधिकारी फर्म संचालक को बुलाकर उसका सत्यापन करता है। साथ ही जिस जगह पर व्यापार होता है वहां पहुंच कर सत्यापन करता है। योगेश शर्मा के पैन कार्ड पर दिल्ली में फर्म खोली गई हैं। वहां पर अधिकारियों ने सत्यापन किया होता तो बोगस फर्मों का खुलासा हो जाता।
पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल दिल्ली में हुआ है। स्थानीय स्तर पर अगर कोई भूमिका पाई जाती है तो उसकी भी जांच कराई जाएगी। –
- एडरियन कंपनी अप्रैल 2018 में खोली और जुलाई 2019 में बंद कर दी गई। इसमें आयरन, स्टील, चावल और इलेक्ट्रॉनिक का व्यापार किया गया।
- अवंती ओवरसीज कंपनी अक्तूबर 2019 में खोली और 13 जनवरी 2023 में बंद कर दी गई। इसमें आटा, चावल आदि का कारोबार किया गया।
- प्रिंस सेल्स कॉरपोरेशन कंपनी जून 2019 में खोली और फरवरी 2022 में बंद कर दी गई। इसमें स्क्रैप, आयरन, स्टील आदि का व्यापार किया गया।
- गोयल सेल्स कॉरपोरेशन कंपनी अगस्त 2019 में खोली और नवंबर 2019 में बंद कर दी गई। इसमें चावल, स्टील आदि का व्यापार किया गया।
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Author: planetnewsindia
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