Jalore: वर्ष 2022 में आरपीएससी द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी के सहारे नौकरी पाने वाले आरोपी को एसओजी की टीम ने गिरफ्तार किया है। एसओजी ने आरोपी पर 5 हजार का इनाम रखा था।

जालोर: वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा–2022 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा दिलवाने के मामले में राज्य सरकार की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को बड़ी सफलता मिली है। एसओजी ने गुरुवार को करीब दो वर्षों से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चितलवाना थाना क्षेत्र के रतनपुरा निवासी संपतलाल माली (28) पुत्र लक्ष्मणराम माली के रूप में हुई है। आरोपी विज्ञान विषय में वरिष्ठ अध्यापक पद पर चयनित हुआ था, लेकिन चयन के बावजूद उसने अब तक नियुक्ति ग्रहण नहीं की थी।
एसओजी ने घोषित किया था 5 हजार रुपये का इनाम
डमी अभ्यर्थी के माध्यम से परीक्षा दिलवाने के बावजूद आरोपी का वरिष्ठ अध्यापक पद पर चयन हो गया। हालांकि, 27 दिसंबर 2023 को एसओजी द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद उसने नियुक्ति ग्रहण नहीं की और फरार हो गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जयपुर महानगर स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी के विरुद्ध स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। साथ ही एसओजी ने आरोपी पर 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
गोपनीय सूचना के आधार पर गिरफ्तारी
एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार शर्मा ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर आरोपी को दस्तयाब कर गिरफ्तार किया गया है। आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का खुलासा किया जा सके।
आरपीएससी की ओर से 27 दिसंबर 2023 को एसओजी को भेजी गई रिपोर्ट में विज्ञान विषय में चयनित 14 अभ्यर्थियों को संदिग्ध बताया गया था। फोटो, हस्ताक्षर और उपस्थिति पत्रक के मिलान में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। सभी संदिग्ध अभ्यर्थियों को दो बार व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाया गया, लेकिन कोई भी उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद परीक्षा अधिनियम और धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया। इस प्रकरण में अब तक दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। एसओजी का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।