गत वर्ष की भांति इस बार भारतीय न्याय चक्र फाउण्डेशन के बीर सिपाहियों ने होली मिलन समरोह का आयोजन बडी धूमधाम से किया। होली का सतरंगी त्यौहार होली के रंग कवियों के संग कार्यक्रम में हास्य व्यंग की कविताओं का रसपान कर किया, तथा एक दूसरे को गुलाल लगा कर होली की शुभकामनाएं दीं।
बुधवार को सासनी-रूदायन मार्ग सेे लहोर्रा मार्ग की ओर जाने वाले अजीत नगर के पीछे पुरानी कचहरी के सामने राष्ट्रीय कार्यालय पर संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने होली मिलन समारोह में का आयोजन किया। जिसका शुभारंभ व्यंग कवि वीरेन्द्र जैन नारद के मां सरस्वती पाठ के साथ शुरू किया गया। कार्रक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु मिश्रा ने कहा कि संगठन मजलूम और पीडितों की सहायता के लिए सदैव तत्पर है। वहीं मौजूद पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं तो कार्रक्रम में हास्य व्यंग के कवियों की कविताओं का भी भरपूर आनंद लिया। होली के रंग कवियों के संग कार्यक्रम में मुरारी लाल मधुर ने सुनाया – होली खेल रहे नंदलाल बिरज में होरी है इस के बाद हास्य कवि वीरपाल सिंह वीर ने सुनाया-प्रेम के रंग में डूब गए सब होरी के मतवारे गुजिया खाकर मस्त हो गए होरी के हुरियारे । इसके बाद सुनील शर्मा ने सुनाया-वोऔर ही होंगेजो गम में त्रस्त हैं हम तो होली के रंगों में मस्त हैं। तत्पश्चात संचालन कर रहे व्यंग कार कवि वीरेन्द्र जैन नारद ने सुनाया – मेरी बीवी तेरे घर तेरी बीवी मेरे घर तुझे पता ना मुझे खबर होली के रंगों में तर अब काहे का कैसा डर होली का है यह अवसर मेरी बीवी तेरे घर तेरी बीवी मेरे घर इसके उपरांत संगठन के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु कुमार मिश्रा ने की। प्रांतीय सलाहकार सुनील शर्मा के संयोजन में आयोजितकार्यक्रम का सुखद वातावरण में समापन किया गया। इस अवसर पर सौरभ शर्मा, परशुराम कौशिक, श्रीमती प्रेमलता, समीम खान, जितेंद्र कुमार गौड, कुमकुम चैहान, लक्ष्मण प्रसाद गोला, दानवीर सिंह, संजय शर्मा, संतोष कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, सूरज कुमार, सत्य प्रकाश, वीरपाल सिंह वीर, मुरारी लाल शर्मा मधुर एवं संगठन के तमाम कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यक्रम का कुशल संचालन व्यंगकार कवि वीरेंद्र जैन नारद ने किया। 
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS