केन्द्र सरकार द्वारा एडवोकेट एक्ट एमेडमेंट एक्ट 2025 को अधिवक्ता विरोधी होने के कारण वापस लेने हेतु एसडीएम प्रज्ञा यादव को ज्ञापन सौंपा था मगर अभी कोई समाधान न निकलने पर अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया।।
मंगलवार को धरना प्रदर्शन करते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि समस्त अधिवक्तागण रेवेन्यूवार एसोशिएसन सासनी के पंजीकृत अधिवक्ता हैं। तथा अपना विधि व्यवसाय का कार्य तहसील सासनी पर सुचारू रूप से करते चले आ रहे हैं। केन्द्र सरकार द्वारा एडवोकेट एक्ट एमेडमेन्ट 2025 में संशोधन किये गये हैं। जो पूर्णतः अधिवक्ता विरोधी व सरकार की अधिवक्ता दमनकारी निति की ओर इशारा करते हैं क्योंकि अधिवक्ता ही सरकार की गलत नीतियों एवं निर्णय के विरोध वाद कारियों के माध्यम से व पीआईएल के माध्यम से सक्षम न्यायालय में वाद योजित करते हैं। अधिवक्ताओं ने कहा कि भविष्य में अधिवक्ताओं को स्वतंत्र रूप से विधिक कार्य करने में भारी परेशानियों और अडचनें उत्पन्न होंगी जो संविधान विरोधी प्राविधान है। कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा एडवोकेट एक्ट एमेडमेन्ट एक्ट-2025 को अधिवक्ता विरोधी होने के कारण तत्काल वापिस लेकर अधिवक्ताओं के अधिकारों को संरक्षण करने तथा अधिवक्ताओं के लिये स्वास्थ्य बीमा सम्बन्धी योजना आयुष्मान दस लाख तक इलाज मुफ्त किया जाये। इस दौरान महेन्द्र पाल सिंह, मधुसूदन सिंह, प्रशांत पाठक, मधुकर नगाईच, वकील सिंह तोमर, योगेश शर्मा, गिर्राज सिंह, डा. राजू, भरत सिंह, केपी सुमन, रजत गाॅड, राजेश गौड, महेन्द्रपाल कुशवाहा, दिनंश वर्मा, भरत सिंह बघेल, केके सिंह, राजनलाल शर्मा, राजेश लवानियां, सुभाष सिंह, राजेश शर्मा, संतोष शर्मा, संजीव सिंह, योगेन्द्र सिंह, सुरेश सिंह, संदीप चैधरी, सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद थे।
एमेडमेंट एक्ट 2025 को लेकर अधिवक्ताओं का धरना जारी
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