शिकायतकर्ता सूरज तिवारी ने अनूठे अंदाज में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) से गुहार लगाते हुए लिखा कि मुझे इंद्रदेव का मोबाइल नंबर नहीं पता है। इसलिए मैं जिला मजिस्ट्रेट से अनुरोध करता है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और अपने ‘दिव्य माध्यमों’ का उपयोग करके इंद्रदेव को आवश्यक निर्देश दें, ताकि बारिश तुरंत नियंत्रित हो सके और जिले के लोगों को राहत मिल सके।

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। राज्यभर में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक कम से कम 56 लोगों की जान जाने की खबर है। इस बीच, हरदोई जिले से एक बेहद अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक शख्स ने बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार बारिश कराने के लिए हिंदू धर्म के वर्षा के देवता ‘इंद्रदेव’ के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है।
बिना सूचना बारिश कराने की शिकायत
हरदोई जिले के मल्लावां ब्लॉक के नेवादा पारस गांव निवासी सूरज तिवारी ने उत्तर प्रदेश के जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर एक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि इंद्रदेव बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार बारिश कर रहे हैं। कभी तेज तो कभी धीमी बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला मजिस्ट्रेट से लगाई गुहार
शिकायत के अंत में सूरज तिवारी ने अनूठे अंदाज में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) से गुहार लगाते हुए लिखा कि मुझे इंद्रदेव का मोबाइल नंबर नहीं पता है। इसलिए मैं जिला मजिस्ट्रेट से अनुरोध करता है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और अपने ‘दिव्य माध्यमों’ का उपयोग करके इंद्रदेव को आवश्यक निर्देश दें, ताकि बारिश तुरंत नियंत्रित हो सके और जिले के लोगों को राहत मिल सके। सोशल मीडिया पर यह शिकायत अब तेजी से वायरल हो रही है।
उत्तर प्रदेश में बारिश का कहर: 56 मौतें
हरदोई समेत पूरे उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। प्रशासन के अनुसार, 25 से 27 सितंबर के बीच हरदोई में अत्यधिक बारिश, सांप काटने और अन्य बारिश से जुड़ी घटनाओं में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए। इसके अलावा 30 मवेशियों की मौत हुई और 330 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। संडीला तहसील सबसे अधिक प्रभावित रही है। अधिकारियों ने बताया कि इस तीन दिवसीय लंबे खराब मौसम के दौरान पूरे उत्तर प्रदेश में कम से कम 56 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
प्रशासन की राहत और बचाव कार्य
प्रशासन ने जलभराव वाले इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित राहत शिविरों तक पहुंचाया है। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, पीने के पानी, राशन और आवास की व्यवस्था की गई है। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट दीपावली भार्गव ने बताया कि अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं, जलभराव को साफ किया जा रहा है और बिजली तथा सड़क सेवाओं को बहाल करने का काम तेजी से जारी है।