जांच अधिकारी उपनिरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचकर घायलों के मेडिकल दस्तावेज प्राप्त किए गए। डॉक्टर की अनुमति के बाद घायलों के बयान दर्ज किए गए। अगले दिन जिला जेल पहुंचकर अन्य घायलों के बयान लेने के साथ घटनास्थल का निरीक्षण भी किया गया।

रेवाड़ी की हाईटेक जेल में बैरक का गेट पहले खोलने को लेकर हवालातियों के दो गुटों में झड़प हो गई। बैरक नंबर-2 और 3 के गेट खुलते ही दोनों पक्षों में लात-घूंसे चले, जिसमें करीब एक दर्जन हवालाती घायल हो गए। बताया जा रहा है कि गांव माजरा के सरपंच रविंद्र हाथी गुट और रोशन पक्ष के बीच पहले गेट खोलने को लेकर विवाद हुआ था। घटना ने एक बार फिर हाईटेक जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उप-सहायक अधीक्षक जेल परमिंद्र भारद्वाज की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने रविंद्र समेत नौ नामजद और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गिनती करने के समय शुरू हुई मारपीट
जिला जेल के उप-सहायक अधीक्षक प्रमेंद्र भारद्वाज ने सदर थाना में शिकायत दी है कि 29 जुलाई को दोपहर करीब तीन बजे जेल में बंदियों की गिनती खुलने के तुरंत बाद ब्लॉक संख्या-3 में बंद हवालाती बधवाड़ी (गुरुग्राम) निवासी रोशन, हवालाती मुक्तीवाड़ा (रेवाड़ी) निवासी वेदप्रकाश और गुज्जरवाड़ा (रेवाड़ी) निवासी इन्द्र के साथ ब्लॉक संख्या-2 और 3 में बंद कुछ अन्य बंदियों ने मारपीट कर दी।
आरोपितों में जिला महेंद्रगढ़ के गांव ऊंची भांडोर निवासी सचिन, भूरी निवासी दीपक, गुज्जरवास निवासी तरुण, काठवास (कोटपूतली-बहरोड़) निवासी साहिल, माजरा (रेवाड़ी) निवासी शीशपाल, ऊंची भांडोर निवासी नवीन, प्रतापपुर (कोटपूतली-बहरोड़) निवासी सोनू, नसीरपुर बागड़ (सोनीपत) निवासी साहिल, माजरा (रेवाड़ी) निवासी रविंद्र सहित अन्य बंदी शामिल हैं। मारपीट बढ़ने पर जेल गार्ड ने हल्का बल प्रयोग कर दोनों पक्षों को अलग किया।
मामले में सदर थाना एसएचओ राकेश कुमार ने बताया कि जेल में बंदियों के आपस में मारपीट की शिकायत मिली थी। उस शिकायत पर पुलिस ने 9 नामजद पर एफआईआर दर्ज की है। मामले में जांच शुरू कर दी गई है।