झारखंड में चुनाव चल रहे हैं और आदिवासी वोटों का गणित साधने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के जमुई में हैं. बिहार से पीएम मोदी तो दिल्ली से गृह मंत्री अमित शाह कैसे झारखंड का चुनावी गणित साध रहे हैं?

झारखंड में विधानसभा चुनाव में आदिवासी मतदाता निर्णायक हैं. आदिवासी अस्मिता की पिच पर घिरी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) घुसपैठ के साथ ही रोटी-बेटी और माटी के मुद्दे पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) को घेर रही है. अब चुनावों के बीच जनजातीय गौरव दिवस के जरिये भी आदिवासी समाज को साधने की कवायद नजर आ रही है.आदिवासी समाज में भगवान का दर्जा रखने वाले बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है और इस बार 150वीं जयंती का यह मौका चुनावी मौसम में और भी खास हो गया है.
आदिवासी वोट की लड़ाई में बीजेपी झारखंड की चुनावी पिच पर सियासी दांव-पेंच आजमा ही रही है, अब बिहार और दिल्ली से भी आदिवासी लैंड को साधने की कोशिश है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जहां गृह मंत्री अमित शाह ने बिरसा मुंडाकी प्रतिमा का अनावरण किया, पूरे एक साल तक विविध आयोजनों की बात कही. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के जमुई में हैं जहां बिरसा मुंडा की जयंती पर बड़ा आयोजन हो रहा है.
जमुई के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के साथ ही झारखंड से भी बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल होंगेआदिवासी समाज से नाता रखने वाले केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम पीएम मोदी के कार्यक्रम की तैयारियों की निगरानी के लिए पहले से ही जमुई में जमे हुए हैं.
Author: planetnewsindia
8006478914


