
इससे किम मोसेजी नगर, अजमेरी नगर और कई ज़िले और बाढ़ आ गए हैं। ज्वालामुखी से तूफानी बिजली घरों और सड़कों पर पानी भर गई है। इस वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र कोदोदरा में हलपति वास और भरवाड वास हैं। यहां घरों में पानी भरा जाता है, जिससे कई परिवार खाली होकर घर पर रहते हैं। लगातार बढ़ रहे पानी की वजह से प्रशासन ने लोगों को पानी से परहेज करने को कहा है। घोड़ों पर नज़र रखने और प्रभावित लोगों की मदद के लिए आकलन किया गया है।
हाल के दिनों में लगातार बारिश की वजह से आई बाढ़ के बीच अधिकारियों ने सूरत से करीब 181 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। लिंबाडा गांव के मलिनकिरण को प्राइमरी स्कूल में स्थापित किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि दक्षिण गुजरात के कुछ हिस्सों में मंगलवार को तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले सप्ताह गुजरात के कई अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश का अनुमान लगाया है। भरूच, तापी और सूरत के कुछ आदर्शों में मंगलवार शाम 100 से ज्यादा गेहूं से ज्यादा बारिश हुई। भरूच जिले के वालिया में 156 झुग्गी और उत्सव तालुका में 127 झुग्गी-झोपड़ी हुई।
Author: planetnewsindia
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