बुजुर्ग दादी बिमला देवी बीच-बचाव करने आईं तो आरोपी कुलवीर ने उन्हें जोरदार धक्का दिया और अपने हाथ में पहना भारी कड़ा उनकी बाईं आंख के नीचे दे मारा, जिससे वह चारपाई पर गिर गई। खून से लथपथ हालत में सीएचसी मुलाना से उन्हें एमएमयू मुलाना अस्पताल रेफर कर दिया था।

काशापुर गांव में शुक्रवार शाम को दिल दहला देने वाला मामला सामने आया। करीब पांच साल पहले हुए प्रेम विवाह के बाद कोई बच्चा न होने पर प्रताड़ित की जा रही विवाहिता के घर जब उसका परिवार समझौता करवाने पहुंचा तो लड़के पक्ष ने हमला कर दिया। इस हमले के दौरान यमुनानगर के सुल्तानपुर गांव निवासी बिमला देवी (75) की चेहरे पर गहरा घाव होने के चलते मौत हो गई।
जबकि विवाहिता के ताया धर्मबीर, चचेरे भाई हिमांशु, ताई कोमल रानी को भी काफी चोटें आई। पुलिस के आने पर हमलावर भाग गए। मुलाना थाना पुलिस ने मृतका के पोते विनायक उर्फ सौरभ की तहरीर पर हमलावर दामाद कुलबीर सिंह, रणजीत सिंह, राजू पर हत्या की धारा 103(1), स्वेच्छा से चोट पहुंचाना की धारा 115, आपराधिक धमकी 351(2) सामूहिक अपराध की धारा 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली।
जबकि विवाहिता के ताया धर्मबीर, चचेरे भाई हिमांशु, ताई कोमल रानी को भी काफी चोटें आई। पुलिस के आने पर हमलावर भाग गए। मुलाना थाना पुलिस ने मृतका के पोते विनायक उर्फ सौरभ की तहरीर पर हमलावर दामाद कुलबीर सिंह, रणजीत सिंह, राजू पर हत्या की धारा 103(1), स्वेच्छा से चोट पहुंचाना की धारा 115, आपराधिक धमकी 351(2) सामूहिक अपराध की धारा 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली।
भारी कड़े से बुजुर्ग महिला की आंख से नीचे किया था वार
पुलिस को दिए बयान में विनायक ने बताया कि 12 जून शाम करीब 7:30 बजे वह अपनी बहन खुशी, ताया धर्मबीर, चचेरे भाई हिमांशु, ताई कोमल रानी और दादी बिमला देवी के साथ बाइकों पर सवार होकर काशापुर आए थे। दोनों पक्ष बैठकर बातचीत कर रहे थे कि अचानक कहासुनी होने पर जीजा कुलबीर सिंह, उसके चाचा राजू, रणजीत सिंह ने हमला कर दिया।
पुलिस को दिए बयान में विनायक ने बताया कि 12 जून शाम करीब 7:30 बजे वह अपनी बहन खुशी, ताया धर्मबीर, चचेरे भाई हिमांशु, ताई कोमल रानी और दादी बिमला देवी के साथ बाइकों पर सवार होकर काशापुर आए थे। दोनों पक्ष बैठकर बातचीत कर रहे थे कि अचानक कहासुनी होने पर जीजा कुलबीर सिंह, उसके चाचा राजू, रणजीत सिंह ने हमला कर दिया।
बुजुर्ग दादी बिमला देवी बीच-बचाव करने आईं तो आरोपी कुलवीर ने उन्हें जोरदार धक्का दिया और अपने हाथ में पहना भारी कड़ा उनकी बाईं आंख के नीचे दे मारा, जिससे वह चारपाई पर गिर गई। खून से लथपथ हालत में सीएचसी मुलाना से उन्हें एमएमयू मुलाना अस्पताल रेफर कर दिया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।