विद्यापीठ इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य डॉ राजीव कुमार अग्रवाल के निर्देशन में विश्वकर्मा जयंती के पूर्व वेला पर विद्यालय में भगवान विश्वकर्मा के छवि चित्र पर प्रधानाचार्य डॉक्टर राजीव कुमार अग्रवाल व सभी शिक्षकों ने माल्यार्पण किया।
प्रधानाचार्य डॉ राजीव कुमार अग्रवाल ने बताया कि भगवान विश्वकर्मा ने पुष्पक विमान, इंद्रपुरी, द्वारिका, हस्तिनापुर, लंका, स्वर्गलोक और जगन्नाथ मंदिर जैसे देवताओं के महल, भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र, शिवजी का त्रिशूल, दानवीर कर्ण के कवच-कुंडल आदि का निर्माण किया था। भगवान विश्वकर्मा का आदर्श यह है कि परिश्रम, रचना और नवाचार को ही ईश्वर की पूजा समझा जाए। वे हमें यह प्रेरणा देते हैं कि निर्माण केवल भौतिक नहीं, बल्कि मानसिक, सामाजिक और सांस्कृतिक भी हो सकता है। उन्होंने बताया कि विश्वकर्मा पूजा का वैज्ञानिक महत्व यह है कि यह श्रम, कौशल और नवाचार का सम्मान कर नये नवाचारो के लिए प्रेरित करता है। शिक्षक राजीव कुमार ने बताया कि भगवान विश्वकर्मा को इंजीनियरिंग और वास्तुकला का देवता माना जाता है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन को मनाया तथा उनके चरित्र चित्रण पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अरुण कुमार कौशिक, संजय कुमार, राजीव कुमार, भारत सिंह, प्रियंका, विनय कुमार, नीरज गुप्ता, अशोक कुमार, महेंद्र प्रकाश सैनी, मुकेश दिवाकर, हनी वशिष्ठ, शिवानी ,शिवम कुशवाहा, सतीश कुमार, यश कुशवाहा, जितेंद्र कुशवाहा तथा छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
विद्यापीठ में विश्वकर्मा जयंती की पूर्व वेला में बच्चों को दिया कर्मठता का संदेश
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