बदायूं के गांव राजा की सीकरी में मंगलवार को ग्राम समाज की जमीन पर बिना अनुमति डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर बवाल हो गया। ग्रामीणों ने पौने सात बजे अफसरों और पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया। छह महिला सिपाहियों समेत 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए और एसडीएम की गाड़ी समेत एक दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। आइए जानते हैं पूरी कहानी
दो पुलिसकर्मियों पर प्रतिमा को गिराने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने पौने सात बजे अफसरों और पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया। छह महिला सिपाहियों समेत 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए और एसडीएम की गाड़ी समेत एक दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए बवालियों को खदेड़ा। प्रतिमा कब्जे में ले ली गई है। 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। खलिहान की सरकारी भूमि पर यह प्रतिमा सोमवार रात लाकर रखी गई थी।

ग्रामीणों के अनुसार, मंगलवार तड़के गश्त पर आए सिपाहियों ने इस प्रतिमा को गिरा दिया। इसी को लेकर हंगामा शुरू हो गया। सीओ अंशुमन श्रीवास्तव ने पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोप का प्रमाण मांगा तो वे नहीं दे सके। इसके बाद ग्रामीण वहीं प्रतिमा लगाने की मांग पर अड़ गए। ग्रामीण और अधिकारियों के बीच पांच दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही।
पुलिसकर्मियों पर पथराव किया
अफसरों ने उन्हें निजी भूमि पर प्रतिमा लगाने के लिए समझाया पर ग्रामीण नहीं माने। ग्रामीणों ने शाम पौने सात बजे पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया। करीब आधे घंटे तक ग्रामीण पथराव करते रहे। इससे हेड कांस्टेबल हिटलर खान और आसफपुर निवासी अधिवक्ता प्रदीप कुमार का सिर फट गया। एसडीएम के पैर पर पत्थर लगा। उनके अर्दली हरविलास के हाथ में पत्थर लगने से चोट आई है। छह महिला सिपाहियों सहित 11 अन्य पुलिस कर्मियों को भी चोटें आईं।
सुबह ही जुटा ली थीं ईंट-पत्थर, अंधेरा छाते ही कर दिया पथराव
पुलिस को जांच में पता चला है कि सुबह ही ग्रामीणों ने ईंटें मंगा ली थीं और दोपहर में पत्थर एकत्र कर लिए थे। शाम को अंधेरा छाते ही ग्रामीणों ने महिलाओं और बच्चों को आगे करते हुए ताबड़तोड़ पत्थरों से हमला कर दिया। इस बीच प्रतिमा की सुरक्षा के लिए कुछ महिलाएं उसे चारों ओर से घेरकर खड़ी रहीं।
अफसरों ने भागकर खुद को बचाया
महिलाओं और पुरुषों की ओर से पथराव के दौरान एडीएम ई अरुण कुमार, एसपी देहात डॉ हृदेश कठेरिया, एसडीएम प्रियंका गोयल, बिसौली के सीओ अंशुमन श्रीवास्तव, तहसीलदार सुरेंद्र कुमार, नायब तहसीलदार आदि अफसरों ने मौके से भागकर खुद को बचाया।
असामाजिक तत्वों ने पुलिस-प्रशासन की टीम पर किया पथराव
एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि गांव के कुछ लोग ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से आंबेडकर की प्रतिमा लगाने का प्रयास कर रहे हैं। इसमें स्थानीय पुलिस और प्रशासन सुबह से यहां पर मौजूद है।
लोगों से लगातार वार्ता करने का प्रयास किया जा रहा था। बहुत सारे विकल्प गांव वालों को दिए गए। अनुरोध किया गया कि नियमानुसार अनुमति लेकर के भूमि चिह्नित करके यहां पर प्रतिमा लगाई जाएगी। इसके बाद लगातार 12-13 घंटे स्थानीय पुलिस व प्रशासन के द्वारा प्रयास किया गया।
इसके बावजूद शाम सात बजे के बीच में असामाजिक तत्वों ने पुलिस-प्रशासन की टीम पर पथराव कर दिया, जिसमें कुछ पुलिस कर्मी और कर्मचारी घायल भी हुए हैं। कुछ गाड़ियों पर भी पथराव किया गया है। इसमें हल्का बल प्रयोग करके भीड़ को हटा दिया गया।
बाबा साहब की मूर्ति को स्थानीय पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षित रखवा दिया गया है। अभी मौके पर स्थिति सामान्य है। कुछ लोग हिरासत में लिया गया है। आगे इनमें अभियोग पंजीकृत करते कठोर वैधानिक कार्रवाई पुलिस-प्रशासन द्वारा की जाएगी।
महिला ने लगाया पुलिस पर घर में घुसकर तोड़फोड़ करने का आरोप
डीएम अवनीश राय, एसएसपी अंकिता शर्मा देर शाम गांव में पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान एक परिवार की महिलाओं ने घर में घुसकर तोड़फोड़ करने का आराेप लगाया। इस पर एसएसपी ने महिलाओं से पूछा कि किसने तोड़फोड़ की तो महिला ने कहा कि चौकी वाले थे। महिलाओं ने कहा कि तोड़फोड़ के दौरान पुलिस वाले गोली मारने की धमकी भी दे रहे थे। इस पर एसएसपी मामले को दिखवाने की बात कहते हुए आगे बढ़ गईं।
पथराव के बीच भागे पुलिस-प्रशासन के अधिकारी, वीडियो हो रहा वायरल
राजा की सीकरी गांव में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर हुए बवाल के दौरान पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के पथराव से बचकर भागने का वीडियो सामने आया है। मौके पर मौजूद लोगों की ओर से बनाए गए इस वीडियो में पथराव के बीच अधिकारी और पुलिसकर्मी तेजी से अपनी गाड़ियों की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में भागो, पथराव हो गया… की आवाज भी सुनाई दे रही है। मंगलवार को सरकारी जमीन पर प्रतिमा स्थापित करने को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ था। प्रशासन प्रतिमा स्थापित करने से रोक रहा था। इसी दौरान स्थिति बिगड़ने पर पथराव शुरू हो गया।
अचानक हुए पथराव के बाद मौके पर मौजूद पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी भी सुरक्षित स्थान की ओर जाते दिखाई दिए। कुछ अधिकारी अपनी-अपनी गाड़ियों में बैठकर मौके से हटते नजर आए। वहीं, कुछ पुलिस कर्मी सड़क पर दौड़ भी लगाकर वहां से हटे।
12 घंटे में 25 बार बातचीत, मगर मन का भेद न खुला
राजा की सीकरी गांव में ग्राम समाज की खलियान भूमि पर बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित करने से रोके जाने के बाद मंगलवार सुबह छह बजे से लेकर शाम छह बजे तक बवाल चला। करीब 12 घंटों तक पुलिस-प्रशासन के अफसरों ने ग्रामीणों से 25 से ज्यादा बार बात की और उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण किसी सूरत पर मानने को तैयार नहीं हुए।
ग्रामीण और पूर्व प्रधान जमीन देने को तैयार थे, फिर भी किया पथराव
प्रतिमा स्थापित करने के लिए जमीन देने के लिए ग्रामीण हरवीर सिंह के सहमति जताने के बाद ग्रामीण मान गए थे। इसके बाद खतौनी निकलवाई गई तो जमीन करीब दो माह पहले पूर्व प्रधान श्याम सिंह सागर के नाम बैनामा होने की जानकारी सामने आई। इस पर एडीएम प्रशासन ने पूर्व प्रधान को बुलाकर बात की तो पूर्व प्रधान ने भी जमीन देने पर सहमति जता दी।
ग्रामीणों ने जबरन बिना अनुमति आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की कोशिश की। पुलिस प्रशासन ने उन्हें निजी भूमि पर प्रतिमा लगाने को कहा। इसके बाद ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। कुछ गाड़ियां टूटी हैं। पुलिस ने स्थिति पर काबू पा लिया है। उपद्रव करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। प्रतिमा पुलिस ने कब्जे में ले ली है। –अवनीश राय, डीएम बदायूं