मौसम के लगातार बदलते मिजाज और मानसून के दौर के चलते बुधवार को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों की खासी भीड़ उमड़ पड़ी। अस्पताल में सुबह ओपीडी खुलने से पहले ही पंजीकरण काउंटर से लेकर डॉक्टर के कमरों और दवा वितरण कक्ष तक लंबी कतारें लग गईं।
बुधवार को सीएचसी में अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा धिकारी डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि इस मौसम में जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह सतर्क रहने की अपील करते हुए कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में दूषित पानी बीमारियों का मुख्य कारण बनता है, इसलिए हमेशा पानी को उबालकर ही पिएं। इसके अलावा बासी खाने से परहेज करें और केवल ताजा व सुपाच्य भोजन ही लें। बदलते मौसम और जलभराव के कारण फैले संक्रमण की वजह से 200 से अधिक मरीजों ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों से परामर्श लिया। इनमें सबसे ज्यादा मरीज सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, बदन दर्द और पेट से जुड़ी समस्याओं से पीड़ित रहे। डॉ. कुमार ने मच्छरों से बचाव पर जोर देते हुए कहा कि घर या आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें, ताकि डेंगू और मलेरिया के मच्छर न पनप सकें। सोते समय हमेशा मच्छरदानी का प्रयोग करें, बारिश में भीगने से बचें और कपड़े गीले होने पर उन्हें तुरंत बदल लें। उन्होंने हिदायत दी कि किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर मेडिकल स्टोर से खुद दवा लेने के बजाय तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र आएं और डॉक्टर को दिखाएं। कहा कि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयां प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं और स्वास्थ्यकर्मी पूरी मुस्तैदी से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS




