राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना सामने आने के बाद गोपाल राव 15 जुलाई को अयोध्या से बाहर चले गए थे। संघ ने उनका केंद्र अयोध्या से बदल दिया है। ऐसे में करीब एक माह बाद उनका अयोध्या लौटना और राम मंदिर में दर्शन के साथ चंपत राय से मुलाकात करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बीच एक बार फिर गोपाल राव के अयोध्या पहुंचने से चर्चाएं तेज हो गई हैं। बुधवार को अयोध्या पहुंचे गोपाल राव ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से भी मुलाकात की। दोनों के बीच हुई मुलाकात को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
बताया जाता है कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना सामने आने के बाद गोपाल राव 15 जुलाई को अयोध्या से बाहर चले गए थे। इसके बाद संघ स्तर से भी उनके दायित्व और केंद्र को लेकर बदलाव किए जाने की चर्चा सामने आई थी। संघ ने उनका केंद्र अयोध्या से बदल दिया है। ऐसे में करीब एक माह बाद उनका अयोध्या लौटना और राम मंदिर में दर्शन के साथ चंपत राय से मुलाकात करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद बदले घटनाक्रम के बीच उनकी अयोध्या वापसी को लेकर मंदिर और संघ से जुड़े लोगों के बीच चर्चाएं शुरू हो गई हैं। एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने और रिपोर्ट ट्रस्ट को उपलब्ध कराए जाने के बाद मंदिर व्यवस्था से जुड़े कई लोगों की भूमिका को लेकर भी चर्चा चल रही है। ऐसे में गोपाल राव की वापसी को इस पूरे घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।




