अमृतसर से पुणे जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट उड़ान की तैयारी में थी, लेकिन टेकऑफ से पहले ही विमान के साथ बर्ड हिट हो गया।

अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पुणे जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-1694 को उड़ान भरने से ठीक पहले पक्षी के टकराने के बाद रद्द कर दिया गया।
खास बात यह है कि फ्लाइट रद्द किए जाने की शुरुआती वजह तकनीकी खराबी बताई गई, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से एयरपोर्ट डायरेक्टर को भेजे गए पत्र पर की गई हाथ से लिखी नोटिंग में विमान से पक्षी टकराने यानी बर्ड हिट का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। फ्लाइट स्टेटस रिकॉर्ड में भी इसके रद्द होने की पुष्टि हुई है।
फ्लाइट को करीब 4:25 बजे अमृतसर से पुणे के लिए रवाना होना था। विमान यात्रियों के साथ उड़ान की तैयारी में था, लेकिन टेकऑफ से पहले ही विमान के साथ बर्ड हिट की घटना सामने आ गई। इसके बाद सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान को ऑपरेट नहीं किया गया और उड़ान रद्द करने का फैसला लिया गया। उपलब्ध उड़ान शेड्यूल के अनुसार IX-1694 अमृतसर-पुणे के बीच नियमित नॉन-स्टॉप सेवा है।
एयरपोर्ट डायरेक्टर को भेजे पत्र में दो अलग-अलग वजह
मामले में एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से एयरपोर्ट डायरेक्टर को भेजे गए पत्र की कॉपी सामने आई है। पत्र की शुरुआत में फ्लाइट रद्द होने की वजह तकनीकी बताई गई है। हालांकि, इसी पत्र पर बाद में हाथ से की गई नोटिंग में बर्ड हिट और विमान के साथ पक्षी के टकराने का उल्लेख किया गया है।
मामले में एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से एयरपोर्ट डायरेक्टर को भेजे गए पत्र की कॉपी सामने आई है। पत्र की शुरुआत में फ्लाइट रद्द होने की वजह तकनीकी बताई गई है। हालांकि, इसी पत्र पर बाद में हाथ से की गई नोटिंग में बर्ड हिट और विमान के साथ पक्षी के टकराने का उल्लेख किया गया है।
यात्रियों को विमान से उतारा, सामान भी लौटाया
फ्लाइट रद्द होने की जानकारी मिलने के बाद विमान में सवार यात्रियों को नीचे उतार दिया गया। इसके बाद यात्रियों के चेक-इन सामान को भी विमान से बाहर निकालकर उन्हें वापस कर दिया गया।
गौर हो कि विमान को उड़ाने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी होता है कि पक्षी के टकराने से विमान के किसी महत्वपूर्ण हिस्से को नुकसान तो नहीं पहुंचा। इसी सुरक्षा प्रक्रिया के चलते फ्लाइट को ऑपरेट नहीं किया गया।
हालांकि एयरपोर्ट पर पक्षियों की गतिविधि और विमानों के लिए उससे पैदा होने वाले जोखिम को देखते हुए यह घटना एक बार फिर एयरपोर्ट परिसर में बर्ड हाजर्ड से निपटने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।




