वार्ड नंबर-10 की धोबी वाली गली में अधूरे निर्माण और जलभराव से परेशान लोगों का गुस्सा बृहस्पतिवार फूट पड़ा। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने दुबे का पड़ाव पर जाम लगाकर नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।

क्षेत्रवासियों के मुताबिक गली में करीब एक महीने से निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन इसे अधूरा छोड़ दिया गया है। जगह-जगह निर्माण सामग्री और मलबा पड़ा है। बारिश के बाद गली में जलभराव होने से आवागमन मुश्किल हो गया है। मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। प्रदर्शन के दौरान एक महिला गोद में बच्चे को लेकर सड़क पर बैठी रही। परिजनों का कहना था कि बच्चे को डेंगू है।
लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। ठेकेदार पर गंदगी हटाने के बजाय उसके ऊपर ही कंकड़ डालने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया। इससे लोगों का आक्रोश बढ़ गया।
बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे लोग दुबे का पड़ाव पर एकत्र हुए और अवरोधक लगाकर सड़क पर जाम लगा दिया। नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। क्षेत्रीय पार्षद के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई।
जाम की सूचना पर गांधीपार्क प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों तक मामला पहुंचाने का आश्वासन दिया। पुलिस के समझाने और कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद लोगों ने जाम खोल दिया। इसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी कि 24 घंटे में मलबा हटाकर जलभराव दूर नहीं किया गया और अधूरा निर्माण शुरू नहीं हुआ तो दोबारा सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
दुबे का पड़ाव इलाके में निर्माण कार्य में देरी और इसे अधूरा छोड़ने के कारणों की जांच कराई जाएगी। लोगों से जुड़ी समस्याओं का जल्द और प्रभावी समाधान कराया जाएगा, ताकि किसी को परेशानी न हो।
– प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त



