आएसआर (अपनी आय के स्रोत) पंचायतों की खुद की आय के स्रोत विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में सासनी ब्लॉक के सभी सचिवों और पंचायत सहायकों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण का शुभारंभ सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) श्री बिहारी लाल और डी.पी.आर.सी. हाथरस के वरिष्ठ फैकल्टी द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया गया। श्री बिहारी लाल ने सभी पंचायतों को अपनी आय के स्रोत विकसित करने और व्ैत् के रूप में शुल्क लेने की प्रक्रिया लागू करने में ग्राम सभा व ग्राम पंचायत की भूमिका पर जानकारी दी। वरिष्ठ फैकल्टी सीमा चैधरी ने प्रशिक्षण के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आय के नए स्रोत खोजना आवश्यक है।
मास्टर ट्रेनर सुनील कुमार चैधरी ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत गोवर्धन योजना, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, सामुदायिक शौचालय और कचरा प्रबंधन के माध्यम से पंचायतों द्वारा स्वयं की आय अर्जित करने के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 37 के अंतर्गत पंचायतों को कर लगाने और वसूलने का अधिकार है। प्रशिक्षक भूप्रकाश उपाध्याय ने बताया कि पंचायतें कॉमन सर्विस सेंटर (जन सेवा केंद्र) के माध्यम से विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र जारी करके भी अपना ओएसआर बढ़ा सकती हैं। इसके अतिरिक्त, पंचायत सहायक बैंक संवाददाता के रूप में जुड़कर अपनी और अपनी पंचायत की आय में वृद्धि कर सकते हैं। मास्टर ट्रेनर विष्णु पचैरी ने ओएसआर पोर्टल और स्वयं की आय अर्जित करने के विभिन्न अन्य स्रोतों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने प्रतिभागियों को इन स्रोतों का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के तरीके समझाए। प्रशिक्षण के अंत में, सभी प्रतिभागियों का चार्ट पेपर तैयार कराकर और प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मूल्यांकन किया गया, जिससे उनके सीखे हुए ज्ञान का आकलन किया जा सके।
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS



