आकाशदीप सिंह की शादी करीब तीन वर्ष पहले हुई थी और उसकी एक वर्ष की बेटी है। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी भी उसी के कंधों पर थी। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

बठिंडा के गांव डिख में खेतों की सिंचाई के लिए पानी की बारी को लेकर दो सगे भाईयों में चल रहा पुराना विवाद शुक्रवार को खूनी संघर्ष में बदल गया। विवाद के दौरान छोटे भाई ने अपनी पत्नी व अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर अपने 24 वर्षीय भतीजे आकाशदीप सिंह पर तेजधार हथियारों से हमला कर उसकी हत्या कर दी, जबकि अपने बड़े हरमंदर सिंह को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
जानकारी के अनुसार गांव डिख निवासी हरमंदर सिंह का अपने छोटे भाई कुलवंत सिंह के बीच लंबे समय से जमीन के बंटवारे और खेतों में पानी लगाने की बारी को लेकर विवाद चला आ रहा था। कई बार पंचायत स्तर पर भी मामले को सुलझाने के प्रयास किए गए, लेकिन विवाद समाप्त नहीं हो सका। इसी रंजिश के चलते दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था।
शुक्रवार सुबह आकाशदीप सिंह अपने पिता हरमंदर सिंह के साथ खेतों में पानी लगाने गया था। इसी दौरान पानी की बारी को लेकर उसके चाचा कुलवंत सिंह के साथ कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि आरोपी कुलवंत सिंह, मंजीत कौर व रूपचंद ने मिलकर आकाशदीप सिंह पर तेजधार हथियारों और अन्य हथियारों से हमला किया गया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल होकर खेत में गिर पड़ा। बेटे को बचाने के लिए आगे आए हरमंदर सिंह के साथ भी मारपीट की गई, जिससे वह भी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
परिजन और ग्रामीण तुरंत दोनों घायलों को सरकारी अस्पताल रामपुरा लेकर पहुंचे। वहां डाक्टरों ने आकाशदीप सिंह को मृत घोषित कर दिया, जबकि हरमंदर सिंह का उपचार जारी है। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
ग्रामीणों के अनुसार आकाशदीप सिंह की शादी करीब तीन वर्ष पहले हुई थी और उसकी एक वर्ष की बेटी है। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी भी उसी के कंधों पर थी। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में घटना के बाद शोक के साथ-साथ तनाव का माहौल भी बना हुआ है।
घटना की सूचना मिलने पर थाना बलियांवाली पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और परिजनों के बयान दर्ज किए।
