दि बार एसोसिएशन ने के अधिवक्ताओं ने सासनी मे न्यायिक एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे नीट परीक्षा से जुड़े आंदोलन का समर्थन किया गया। एसोसिएशन ने छात्र-छात्राओं और युवाओं की मांगों को जायज बताया।
गुरूवार को एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा की गई। इसमें कहा गया कि देशभर से आए छात्र-छात्राएं और युवा शिक्षा नीति तथा परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे हैं। आरोप लगाया गया कि दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछार का प्रयोग किया। साथ ही सादे कपड़ों में कुछ लोगों द्वारा मारपीट और अभद्र व्यवहार का भी उल्लेख किया गया। दि बार एसोसिएशन ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना के विपरीत बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। ज्ञापन में मांग की गई कि हिरासत में लिए गए आंदोलनकारी नेताओं, छात्र-छात्राओं और युवाओं को तत्काल रिहा किया जाए तथा उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। दोषी पुलिसकर्मियों एवं संबंधित लोगों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की भी मांग उठाई गई। ज्ञापन सौंपते समय दी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह, प्रशांत पाठक, मनवीर सिंह बालियान, राजन लाल शर्मा, योगेश शर्मा, गिरिराज सिंह, के पी सुमन, राजवीर सिंह, पीके सिंह, महेंद्र सिंह, भरत सिंह बघेल, मधुकर नगाइच, राजेश शर्मा सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS

