आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध करने पहुंचे छात्र प्रतिनिधियों को रोकना और पुलिस द्वारा डिटेन करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा छात्र अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को पुलिस बल के माध्यम से दबाने का प्रयास बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित राजनीतिक कार्यक्रम का शांतिपूर्ण विरोध करने पहुंचे एनएसयूआई जीजेयू इकाई के अध्यक्ष विकास बनभौरी को पुलिस ने मुख्य द्वार पर ही डिटेन कर लिया। विकास बनभौरी ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा और शोध का केंद्र है, किसी भी राजनीतिक दल का मंच नहीं। उनका विरोध किसी व्यक्ति या दल विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि इस सिद्धांत के पक्ष में है कि विश्वविद्यालय परिसर का उपयोग राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन किसी एक राजनीतिक दल के कार्यक्रम की अनुमत देता है, तो भविष्य में सभी राजनीतिक संगठनों को भी समान अवसर देना होगा। विश्वविद्यालय को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखते हुए उसकी निष्पक्ष और शैक्षणिक गरिमा बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध करने पहुंचे छात्र प्रतिनिधियों को रोकना और पुलिस द्वारा डिटेन करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा छात्र अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को पुलिस बल के माध्यम से दबाने का प्रयास बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। एनएसयूआई ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन भविष्य में परिसर का उपयोग किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम के लिए न करे तथा छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करे।