भोजगढ़ी में श्रीमद्भागवत कथा में राम वनगमन और रावण उद्धार प्रसंग का हुआ सजीव वर्णन

Picture of Sunil Kumar

Sunil Kumar

SHARE:

गांव भोजगढ़ी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा व्यास आचार्य पंडित मुकेश शास्त्री ने अपने श्रीमुख से राम वनगमन, केवट संवाद, भरत मिलाप, माता अनुसुइया की कथा, एवं सीता हरण, श्री राम की सुग्रीव से मित्रता, तथा रावण का उद्धार, के साथ कृष्ण जन्म एवँ जन्मोत्सव तक के प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण और विस्तृत वर्णन किया।
गुरूवार को कथा में संगीतमय भजनों पर श्रद्धालु झूमने को मजबूर हो गए। आचार्य जी ने अपने प्रवचनों के माध्यम से मानव जीवन में धर्म, कर्तव्य और संस्कारों के महत्व को गहराई से समझाया। उन्होंने कहा कि जो मनुष्य अपने जीवन में संस्कारों और धर्म के मार्ग पर चलता है, उसका कल्याण निश्चित है। राजा हरिश्चंद्र के सत्य की रक्षा और त्याग के प्रसंग को सुनकर उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो गया और पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर आचार्य अभिषेक कुमार, मुख्य परीक्षित आनंद शर्मा, शालिनी शर्मा, अरुण शर्मा, माया शर्मा, बबलू शर्मा, कुशमा शर्मा, शशिवाला शर्मा, अभिषेक शर्मा, शिव कुमार शर्मा, कौशल शर्मा, मोनी शर्मा एवं भुवनेश कुमार सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Sunil Kumar
Author: Sunil Kumar

SASNI, HATHRAS