पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ श्रीमद्भागवत कथा का समापन, सुदामा जी की दीनदशा और भगवान कृष्ण के अनन्य प्रेम का प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु

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Sunil Kumar

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गांव रूदायन में पिछले एक सप्ताह से चल रहे संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुक्रवार को पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ भव्य समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन पूज्य व्यास जी महाराज महामंडलेश्वर श्री दीन बंधु दासजी ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा के चरित्र का जीवंत वर्णन किया।
सुदामा जी की दीनदशा और भगवान कृष्ण के अनन्य प्रेम का प्रसंग सुन पांडल में मौजूद तमाम श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।कथा विश्राम के उपरांत मुख्य यजमान एवं प्रबुद्ध जनों द्वारा विधि-विधान से हवन-पूजन कर विश्व कल्याण की कामना के साथ पूर्णाहुति दी गई। इसके बाद मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने लाइन में लगकर पूरी श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण किया।

वहीं एडवोकेट प्रशांत पाठक ने कथा व्यास महामंडलेश्वर श्री दीन बंधु दासजी महाराज का पगड़ी, पटका और माल्यार्पण कर भावभीना स्वागत किया। इसके साथ ही कथा में पधारे सभी पूज्य साधु-संतों का भी अंगवस्त्र भेंट कर आशीर्वाद लिया गया। इस पावन अवसर पर श्री राधागोपाल जी श्रीरामचैक मंदिर के महंत केशव दासजी, सतीश शर्मा, सुनील शर्मा, गौरा पाठक, छोटे प्रधान, शुभम उपाध्याय, मोहन शर्मा, विमल तिवारी, महेश वत्स, राहुल राणा, मनोज शास्त्री, राघव, माधव, वैभव, कूकी और आलोक सहित क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग एवं सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष भक्तगण मौजूद रहे।

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Author: Sunil Kumar

SASNI, HATHRAS

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