
सहालग की शुरुआत, छुट्टियों के बाद वापसी से बढ़ती यात्रियों की संख्या के चलते पांच जुलाई तक लंबी दूरी की ट्रेनों में भारी भीड़ रहने की संभावना है। अधिकांश ट्रेनों में सीटों के लिए मारामारी की स्थिति है और वेटिंग लगातार बढ़ रही है।
20 जून से पांच जुलाई के बीच बिहार, पूर्वांचल, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसका असर अलीगढ़ जंक्शन से होकर गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों पर साफ दिखाई दे रहा है। दिल्ली-हावड़ा, दिल्ली-पटना, दिल्ली-गया, दिल्ली-कामाख्या और पूर्वांचल रूट की ट्रेनों में सबसे अधिक दबाव है।
अलीगढ़ होकर गुजरने वाली महाबोधि, ब्रह्मपुत्र मेल, महानंदा, श्रमजीवी, पूर्वा और फरक्का एक्सप्रेस में स्लीपर और थर्ड एसी श्रेणी की सीटों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ गई है। अधिकांश ट्रेनों में अगले कई दिनों तक सीटें उपलब्ध नहीं हैं। कई ट्रेनों में वेटिंग सूची 50 से 150 तक पहुंच गई है।
यात्रियों का कहना है कि कन्फर्म टिकट न मिलने से यात्रा की योजना प्रभावित हो रही है। कई लोग अंतिम समय में टिकट रद्द कर बस या निजी वाहनों से सफर करने को मजबूर हैं।
उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे 15 अप्रैल से 15 जुलाई तक समर स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रहा है। इसके अलावा कई नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी लगाए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों को कुछ राहत मिल सके।