
राम मंदिर चंदे में अनियमितताओं के आरोपों पर विश्व हिंदू परिषद ने बेहद कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है। रोहतक में मीडिया से बातचीत करते हुए विहिप के संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि मंदिर निर्माण और चंदे को लेकर पहले भी राजनीतिक कारणों से आरोप लगते रहे हैं, लेकिन इस बार जब ये बातें अन्य स्रोतों से आईं तो संगठन ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया है। मामले की शुचिता बनाए रखने के लिए राम मंदिर ट्रस्ट ने खुद उत्तर प्रदेश सरकार से एसआईटी जांच की मांग की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।
विहिप के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि चंदे में हेरफेर के दावे कोई नई बात नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ये आरोप पहली बार नहीं लगाए जा रहे हैं। ये आरोप पहले भी लगते रहे हैं और शुरू से ही लगाए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई भी आरोप साबित नहीं हुआ है। लोग राजनीतिक कारणों से आरोप लगाते रहे हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट की मांग पर यूपी सरकार ने बनाई एसआईटी
चंदे की पारदर्शिता और देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का हवाला देते हुए विहिप नेता ने बताया कि इस बार मामले की पूरी गहराई से जांच कराई जा रही है। ट्रस्ट ने बिना किसी देरी के उत्तर प्रदेश सरकार को आधिकारिक पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय एसआईटी जांच कराने का आग्रह किया था।
15 दिनों के भीतर आ सकती है जांच रिपोर्ट
सुरेंद्र जैन ने संकेत दिए कि जांच प्रक्रिया को बेहद तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि सच जल्द से जल्द सामने आ सके और किसी भी तरह के भ्रम या दुष्प्रचार को रोका जा सके। कहा कि विहिप का मानना है कि एसआईटी की यह रिपोर्ट आने वाले दिनों में दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी।