प्रयागराज के वैश्य परिवार हत्याकांड में आरोपी शनि ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि अभिषेक मेरा आधा हिस्सा नहीं देना चाह रहा था। जो अपने माता-पिता का न हुआ उस पर कैसे भरोसा करता, इसलिए मार दिया।

प्रयागराज के वैश्य परिवार हत्याकांड में पारिवारिक रिश्तों और दोस्ती पर भरोसे की ऐसी रूह कंपा देने वाली कहानी सामने आई, जिसे सुनकर हर कोई स्तब्ध है। लोग भरोसा नहीं कर पा रहे कि एक मकान के भीतर माता-पिता और बेटे के रिश्ते की दीवार कब दरक कर भरभरा गई। बेटे के सामने पूरे परिवार को खत्म करने तक की नौबत आ गई।
जिस दोस्त को परिवार के ऊपर रखकर उनकी हत्या के लिए चुना, वहां भी दगाबाजी सामने आई। पहले अभिषेक ने शनि को बंटवारे में वाजिब हिस्सा नहीं दिया, फिर शनि ने सारे जेवर हड़पने के लिए दोस्त का ही कत्ल कर दिया। यानी कौन किस पर भरोसा करे… यह बात सभी के मन में कौंध रही है। घटना स्थल पर लोग यही कहते सुने गए कि बेटा मां-बाप का सगा न हुआ और दोस्त ने दोस्त को दगा दे दिया।
शनि ऐसे शामिल हुआ हत्याकांड में
आरोपी शनि गुप्ता समोसे-कचौड़ी की दुकान चलाता था। दोनों के बीच सिर्फ कारोबारी संबंध नहीं थे, बल्कि कई वर्षों पुरानी गहरी दोस्ती थी। दोनों अक्सर साथ बैठकर शराब पीते थे। घंटों समय बिताते थे। इसी दोस्ती का फायदा उठाकर अभिषेक ने परिवार के तीन सदस्यों की हत्या में शनि को शामिल किया। बाद में लालच में आकर शनि ने अभिषेक को भी मौत के घाट उतार दिया।
भरोसे के सवाल पर बढ़ा था दोनों में विवाद
मुट्ठीगंज निवासी आरोपी शनि गुप्ता ने बताया कि घर से गहने लूटने के बाद अभिषेक उसे पूरा हिस्सा नहीं दे रहा था। बार-बार कह रहा था कि अभी इतना सामान ले जाओ, बाकी बाद में हिसाब कर लेंगे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। शनि ने बताया कि विवाद के दौरान उसने अभिषेक से भरोसे को लेकर सवाल किया? कहा कि जब तुम संपत्ति के लिए अपने माता-पिता के नहीं हुए तो मुझे बचा हुआ हिस्सा क्यों दोगे? तुम पर कैसे भरोसा किया जा सकता है। इसके बाद मामला बढ़ गया और दोनों के बीच गालीगलौज होने लगी। गुस्से में आकर लोहे की रॉड से अभिषेक के सिर पर हमला कर दिया, जिसमें उसकी मौत हो गई।
भांजे की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर
कीडगंज निवासी मंजीत केसरवानी ने पुलिस को तहरीर देकर घटनाक्रम की जानकारी दी। कोतवाली पुलिस ने हत्या, साजिश, लूट समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।
जिस बेटे को गोद में खिलाया उसी ने उजाड़ दिया पूरा परिवार…
जिस बेटे को माता-पिता ने दुलार और प्यार से बड़ा किया, उसी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश रच डाली। घटना से स्तब्ध पड़ोसी और रिश्तेदार इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
मोहल्ले के बुजुर्गों का कहना है कि कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य अपने बेटे अभिषेक से बेहद लगाव रखते थे। बचपन में वह उसे अक्सर गोद में उठाकर बाजार और रिश्तेदारों के यहां ले जाया करते थे। परिवार में अभिषेक को सबसे ज्यादा प्यार मिलता था। उसकी मां अनीता वैश्य भी उसे अपना लाडला मानती थीं।
बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जीवनभर मेहनत की
एक बुजुर्ग पड़ोसी ने बताया कि वीरेंद्र ने अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जीवनभर मेहनत की। कारोबार खड़ा किया। संपत्ति बनाई और बच्चों को किसी चीज की कमी नहीं होने दी। उन्हें शायद कभी यह अंदाजा नहीं रहा होगा कि जिस बेटे को उन्होंने इतने प्यार से पाला, वही एक दिन उनकी मौत की वजह बनेगा
छोटी-छोटी बातों पर करता था विवाद
पड़ोसियों ने बताया कि अभिषेक की संगत अच्छी नहीं थी। वह धीरे-धीरे नशे का आदी हो गया था। अक्सर उसे दोस्तों के साथ शराब पीते देखा जाता था। वह छोटी-छोटी बातों पर विवाद भी कर लेता था। इन हरकतों से परिवार भी परेशान रहता था। रिश्तेदारों ने भी उससे दूरी बना ली थी। परिवार के भीतर चल रहे तनाव की चर्चा भी समय-समय पर होती रहती थी।
उम्मीद थी कि समय के साथ सुधर जाएगा अभिषेक…
एक बुजुर्ग पड़ोसी ने बताया कि वीरेंद्र और अनीता अपने बेटे को सही रास्ते पर लाने की कोशिश करते रहे, लेकिन उनकी सफल नहीं हो सके। परिवार को उम्मीद थी कि समय के साथ उसका व्यवहार सुधर जाएगा। आखिरकार संपत्ति विवाद, आर्थिक दबाव और गलत संगत ने उसे ऐसे रास्ते पर पहुंचा दिया, जहां उसने अपने ही परिवार के खिलाफ साजिश रच डाली।
प्रयागराज सामूहिक हत्याकांड में खुलासा
प्रयागराज के साउथ मलाका सब्जी मंडी चौराहा स्थित मकान में कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता, बेटी मीनाक्षी और बेटे अभिषेक की हत्या की गुत्थी पुलिस ने 12 घंटे में सुलझा ली। पुलिस का दावा है कि बड़े बेटे अभिषेक ने घर में लूट के इरादे से अपने दोस्त शनि गुप्ता के साथ मिलकर माता-पिता और बहन की हत्या की थी। बाद में डेढ़ करोड़ रुपये के जेवरात के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में शनि ने अभिषेक को भी मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मुट्ठीगंज निवासी आरोपी शनि को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके कब्जे से एक किलो सोना, 360 ग्राम चांदी, एक हजार रुपये नकदी और ताले की चाभी बरामद की है। वारदात रविवार शाम पांच से छह बजे के बीच अंजाम दी गई। आरोपी शनि ने पूछताछ में बताया कि अभिषेक पिता से नाराज था। पुलिस आयुक्त के मुताबिक, वर्ष 2022 में पिता ने अभिषेक को भी संपत्ति से बेदखल कर दिया था। अभिषेक कर्ज में डूबा था।
दोनों ने बीयर और सिगरेट पी
रविवार दोपहर अभिषेक ने शनि को अपनी दुकान पर बुलाया। दोनों ने साथ बैठकर कचौड़ी खाई। बीयर और सिगरेट पी। इस दौरान परिवार की हत्या कर जेवर लूटने की साजिश रची। शाम करीब पांच बजे रोजाना की तरह मीनाक्षी नीचे दुकान खोलने आई।
जैसे ही उसने सीढ़ियों का दरवाजा खोला, अभिषेक ने लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार कर दिया। शनि ने उसे धक्का दिया और दोनों उसे घसीटते हुए ऊपर ले गए। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बहन की हत्या के बाद दोनों ऊपर कमरे में पहुंचे। वहां पिता वीरेंद्र और मां अनीता दोनों सो रहे थे।
आरोपियों ने उन पर भी लोहे की रॉड और पाइप से ताबड़तोड़ वार किए। सिर पर गंभीर चोट लगने से दोनों की मौत हो गई। इसके बाद दोनों ने अलमारी खंगाली और घर में रखे जेवर और कीमती सामान समेट लिए। वहीं, जांच में पता चला की शनि के बाल व डाढ़ी काफी लंबे थे घटना के बाद उसने पहचान छुपाने की नियत से बाल व डाढ़ी का कटवा दिया।
साथ ही शव को बाहर निकालते वक्त आरोपी ने खुद भी मदद की थी। इस दौरान उसके हाथों में पट्टी बंधी थी जो हत्या के दौरान उसे चोट लगी थी, जब पुलिस ने पूछा तो उसने बताया कि उसे कुत्ते ने काट लिया था।