नौतपा के दौरान पृथ्वी का उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर अधिकतम झुका होता है। इसके कारण सूर्य की किरणें भूमध्य रेखा को पार करके उत्तरी भारत पर बिल्कुल सीधी पड़ती हैं।

हरियाणा समेत उत्तर भारत में आज से नौतपा शुरू हो गया है। नौतपा के पहले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी होगी जबकि 5 दिनों में तापमान में गिरावट आएगी। वहीं, दक्षिण पश्चिमी गर्म हवाओं के चलने से वातावरण में धूल का गुबार छाया हुआ है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि सोमवार से नौतपा शुरू हो रहा है जो कि आमतौर पर 25 मई से 2 जून के बीच होता है। आमतौर पर नौतपा के दौरान तापमान में उफान और गर्मी अपने चरम पर होती है। वैज्ञानिक और भौगोलिक दृष्टि से पृथ्वी और सूर्य की गति के कारण होने वाली एक प्राकृतिक घटना है जो भारतीय मानसून चक्र और कृषि व्यवस्था का मुख्य आधार है।
ऐसे समझें नौतपा को
नौतपा के दौरान पृथ्वी का उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर अधिकतम झुका होता है। इसके कारण सूर्य की किरणें भूमध्य रेखा को पार करके उत्तरी भारत (मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली, राजस्थान, पंजाब उत्तर प्रदेश ) पर बिल्कुल सीधी पड़ती हैं। सूर्य की सीधी किरणें पड़ने से जमीन बहुत तेज़ी से गर्म होती है। गर्म होकर हवा ऊपर उठती है जिससे स्थानीय स्तर पर निम्न वायुदाब का क्षेत्र बन जाता है। इस तीव्र गर्मी और निर्वात के कारण तापमान अक्सर 45.0 से 48.0 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंच जाता है। नौतपा का तपना अच्छे मानसून का वैज्ञानिक संकेत माना जाता है।
नौतपा के दौरान पृथ्वी का उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर अधिकतम झुका होता है। इसके कारण सूर्य की किरणें भूमध्य रेखा को पार करके उत्तरी भारत (मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली, राजस्थान, पंजाब उत्तर प्रदेश ) पर बिल्कुल सीधी पड़ती हैं। सूर्य की सीधी किरणें पड़ने से जमीन बहुत तेज़ी से गर्म होती है। गर्म होकर हवा ऊपर उठती है जिससे स्थानीय स्तर पर निम्न वायुदाब का क्षेत्र बन जाता है। इस तीव्र गर्मी और निर्वात के कारण तापमान अक्सर 45.0 से 48.0 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंच जाता है। नौतपा का तपना अच्छे मानसून का वैज्ञानिक संकेत माना जाता है।
वातावरण में धूल का गुबार छाया
रविवार को जैसे ही विक्षोभ हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली से आगे निकला, एक बार फिर से पश्चिमी शुष्क गर्म हवाओं से तापमान में उछाल आया। प्रदेश में अधिकतर स्थानों पर दिन और रात के तापमान सामान्य से अधिक बने हुए हैं। साथ ही उत्तर भारत में दक्षिण पश्चिमी गर्म हवाओं के चलने से थार रेगिस्तान से उड़कर वातावरण में धूल का गुबार छा गया।
रविवार को जैसे ही विक्षोभ हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली से आगे निकला, एक बार फिर से पश्चिमी शुष्क गर्म हवाओं से तापमान में उछाल आया। प्रदेश में अधिकतर स्थानों पर दिन और रात के तापमान सामान्य से अधिक बने हुए हैं। साथ ही उत्तर भारत में दक्षिण पश्चिमी गर्म हवाओं के चलने से थार रेगिस्तान से उड़कर वातावरण में धूल का गुबार छा गया।
ये रहा अधिकतम तापमान
सिरसा-46.0
हिसार-43.8
करनाल-42.8
रोहतक-45.3
भिवानी-44.0
जींद-43.8
नारनौल-42.8