Aligarh News: पेयजल किल्लत…पानी के इंतजाम में बीत रहा दिन, ढल रही शाम

Picture of ILMA NEWSINDIA

ILMA NEWSINDIA

SHARE:

Water shortage...day is passing in arranging water, evening is falling

हर घर जल योजना के दावे महानगर में हवाई साबित हुए हैं। कई मोहल्लों में पाइपलाइन बिछने और कनेक्शन होने के बावजूद घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा।

हालात ऐसे हैं कि लोग पेयजल के लिए हैंडपंप, निजी बोरिंग व नगर निगम के टैंकरों पर निर्भर हैं। शुक्रवार को संवाददाता ने जब शहर के विभिन्न इलाकों में दावों की हकीकत जानी तो लोगों की परेशानी सामने आई। दुबे का पड़ाव, हाथरस अड्डा, मानिक चौक, रावण टीला, शाहपुर कुतुब, साकेत विहार कॉलोनी, सासनीगेट इलाकों में लोग हैंडपंप, नगर निगम के टैंकर से पानी भरते नजर आए। बच्चे बाल्टियों में पानी ढोते दिखाई दिए।

शहर के मानिक चाैक में चामड़ मंदिर के पास रहने वाले परिवार की प्रीति पानी व पाइप लाइन के सवाल पर ही भड़क उठीं। बोलीं, घर में पानी नहीं आता, सुबह से शाम तक सिर्फ पानी का इंतजाम करने में ही समय निकल जाता है। बच्चों को स्कूल भेजने से पहले पानी भरना पड़ता है। बच्चे बाल्टी और डिब्बे लेकर दूर-दूर तक पानी भरने जाने को मजबूर हैं। पीने, खाना बनाने, नहाने और कपड़े धोने जैसी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है।

प्रीति का आरोप है कि इलाके में पेयजल लाइन तो बिछा दी गई, लेकिन अभी तक सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। गर्मी बढ़ते ही हालात और खराब हो जाते हैं। कई बार पीने के पानी के लिए दूसरे मोहल्लों में जाना पड़ता है। पार्षद, नगर निगम व जल निगम में जाकर कई बार शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

रोजमर्रा की जिंदगी हुई बेहाल
संजय गांधी काॅलोनी की बीना व ममता देवी का कहना था कि पानी की किल्लत से रोजमर्रा की जिंदगी बेहाल हो गई है। अगर समय पर पानी मिलने लगे तो लोगों की आधी परेशानी खत्म हो जाए। पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सुबह सबसे पहले पानी के लिए हैंडपंप पर लाइन लगानी पड़ती है। कई बार पानी भरने में ही विवाद जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। मासूम बच्चों को गर्मी में काफी दूर जाकर हैंडपंप से पानी लाना पड़ रहा है। पाइप लाइन बिछे दो साल बीत चुके हैं, लेकिन इसमें पानी कब तक आएगा। यह बताने के लिए कोई तैयार नही हैं।

करोड़ों खर्च, फिर भी सूखी पाइप लाइन
करीब दो साल पहले बड़े दावों और करोड़ों रुपये की लागत से शुरू की गई जलापूर्ति योजना इन मोहल्लों में जमीन पर उतरती नजर नहीं आई। हालात यह हैं कि जिन घरों तक पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां आज तक नियमित पानी सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। नागरिकों का आरोप है कि योजना का काम पूरा होने के बावजूद नलों में पानी नहीं आ रहा, जिससे भीषण गर्मी में पानी की किल्लत ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। सुबह से ही पानी भरने के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। आरोप है कि जल निगम ने पाइपलाइन बिछाने के बाद जलापूर्ति शुरू कराने की दिशा में गंभीरता नहीं दिखाई। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद योजना का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच सका है।

इन इलाकों में पानी की सर्वाधिक किल्लत

जीवनगढ़, सराय रहमान, ऊपरकोट, शाहपुर कुतुब, भुजपुरा, जमालपुर, नगला पटवारी, क्वार्सी की कई काॅलोनियां, रामघाट रोड से जुड़ी नई आवासीय कॉलोनियां, धौर्रा माफी, सुरेंद्र नगर, संजय गांधी काॅलोनी, रावणटीला, शांतिनगर काॅलोनी, निधिवन काॅलोनी, दुबे का पड़ाव, महेंद्र नगर, शाहजमाल, बन्नादेवी क्षेत्र की घनी बस्तियां ।

205 एमएलडी के सापेक्ष 183 एमएलडी पानी की आपूर्ति

शहर में बढ़ती गर्मी के बीच पेयजल की मांग लगातार बढ़ रही है। नगर निगम और जलकल विभाग के अनुसार शहर की कुल आवश्यकता करीब 205 एमएलडी ( मिलियन लीटर प्रतिदिन ) पानी की है, जबकि वर्तमान में लगभग 183 एमएलडी पानी की आपूर्ति ही हो पा रही है। करीब 22 एमएलडी पानी की कमी के चलते कई इलाकों में जल संकट की स्थिति बनी हुई है। कई क्षेत्रों में लोग निजी टैंकरों पर निर्भर होने को मजबूर हैं। जलकल विभाग के महाप्रबंधक पीके सिंह का कहना है कि बढ़ती आबादी और गर्मी में पानी की खपत बढ़ने के कारण मांग और आपूर्ति में अंतर आया है। विभाग द्वारा अतिरिक्त नलकूपों को चालू कराने, लीकेज रोकने और सप्लाई व्यवस्था को दुरुस्त करने, पानी की कमी वाले इलाकों में टैंकरों से आपूर्ति का कार्य किया जा रहा है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

वर्जन ——

अमृत योजना के तहत तीनों ग्रुप में पेयजल आपूर्ति पर तेजी से काम हो रहा है। जिसमें सी ग्रुप में पाइप लाइन की लीकेज, टेस्टिंग आदि के लिए नलकूप व ओवरहेड टैंक बनाकर आपूर्ति शुरू करा दी गई है, जल्द ही ए व बी ग्रुप में पानी की आपूर्ति सुचारू करा दी जाएगी। शहर में पेयजल की कमी नहीं रहेगी।

– इंजी. देवेंद्र कुमार, सहायक अभियंता, जल निगम शहरी

ILMA NEWSINDIA
Author: ILMA NEWSINDIA

सबसे ज्यादा पड़ गई