पाकिस्तानी जासूस बलजीत सिंह को पुलिस ने कोर्ट में पेश करके पांच दिन का रिमांड हासिल किया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक अंकित ने बलजीत सिंह को कैमरे दिलाने में मदद की थी और दोनों फिर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों से बातचीत करने लगे।

सेना और अर्धसैनिक बलों की गतिविधियों की नजर रख पाकिस्तान व अन्य देशों को जानकारी भेजने वाले पकड़े गए जासूस बलजीत का साथी अंकित निवासी फिरोजपुर कलां सुजानपुर पठानकोट को खुफिया एजेंसियों ने हिरासत में लिया है।
पाकिस्तानी जासूस बलजीत सिंह को पुलिस ने कोर्ट में पेश करके पांच दिन का रिमांड हासिल किया है। एसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों के मुताबिक अंकित ने बलजीत सिंह को कैमरे दिलाने में मदद की थी और दोनों फिर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों से बातचीत करने लगे।
अंकित से भी भारतीय एजेंसियां पूछताछ में जुटी हैं। आरोपी पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे-44 पर पड़ते सुजानपुर के पुल नंबर 4 व 5 के बीच एक दुकान पर लगभग 5 माह सेना और अर्धसैनिक बलों की गतिविधियों पर नजर रख जानकारी सांझा करते रहे। हैरानी की बात यह है कि जिस जगह उक्त पाकिस्तान जासूसों ने कैमरे लगा रखे थे वहां पुलिस नाका भी रहता है और पुलिस की नाक तले ही आरोपी इतनी बड़ी खुफिया जानकारी हासिल करते रहे।
पुलिस प्रशासन ने भी यह कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर की है। हालांकि अभी पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है कि पाकिस्तान में आईएसआई के अलावा और कहां-कहां देश की खुफिया जानकारी सांझा की है क्योंकि आरोपी बलजीत सिंह का संपर्क दुबई में आईएसआई के हैंडलरों के साथ भी था और जेल में बंद अन्य साथियों के संग भी तालमेल बना सेना की मूवमेंट उजागर कर रहे थे।
पठानकोट सुरक्षा के लिहाज से अति संवेदनशील जिला माना जाता है और आए दिन पाकिस्तानी तस्कर और आतंकी जहां वारदात करने की योजनाएं बनाते रहते हैं। इस वजह से आए दिन पठानकोट को सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हाई अलर्ट पर रखा जाता है। चारों तरफ पठानकोट सैन्य बेस से घिरा है। दोनों पकड़े गए आरोपियों से पुलिस कई अहम खुलासे करने में जुटी है।