हरियाणा के यमुनानगर जिले के शादीपुर गांव में हुए सनसनीखेज नीलम हत्याकांड के तीन दिन बाद आखिरकार मृतका के परिजन उत्तर प्रदेश से यमुनानगर पहुंचे। सिविल अस्पताल के शवगृह में जैसे ही मां ने अपनी बेटी नीलम का शव देखा, उनका कलेजा मुंह को आ गया और वह फूट-फूट कर रोने लगीं। परिजनों ने निर्णय लिया है कि नीलम का अंतिम संस्कार यमुनानगर में ही किया जाएगा और उसके दोनों मासूम बच्चों को वे अपने साथ उत्तर प्रदेश ले जाएंगे।
पिछले तीन दिनों से परिजनों के न पहुंचने के कारण पुलिस और स्थानीय प्रशासन के सामने दो बड़ी चुनौतियां थीं: पहली, नीलम के शव का अंतिम संस्कार और दूसरी, उसके दोनों बच्चों का भविष्य। पुलिस ने मंगलवार को ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर ली थी, लेकिन वारिसों के अभाव में शव को मोर्चरी में ही सुरक्षित रखा गया था। सदर थाना पुलिस लगातार यूपी में परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश कर रही थी।
हत्याकांड के बाद से ही नीलम के दोनों बेटों (एक तीसरी और एक पहली कक्षा का छात्र) की परवरिश को लेकर सवाल उठ रहे थे। फिलहाल उन्हें सुरक्षा और देखभाल के लिए बालकुंज भेजा गया था। अब जबकि ननिहाल पक्ष के लोग पहुंच चुके हैं, पुलिस कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चों को उन्हें सौंपने की प्रक्रिया शुरू करेगी। आरोपी पिता संतोष कुमार वर्तमान में पुलिस रिमांड पर है।
24 घंटे तक घर में ही पड़ा रहा शव
पुलिस जांच में यह दिल दहला देने वाला तथ्य सामने आया कि नीलम की हत्या रविवार रात को ही कर दी गई थी। आरोपी पति संतोष सोमवार देर रात करीब 2 बजे खुद थाने पहुंचा और सरेंडर किया। इस बीच लगभग 24 घंटे तक नीलम का शव घर में ही पड़ा रहा, जिससे उसमें बदबू आने लगी थी। आरोपी ने कबूल किया कि उसे पत्नी के चरित्र पर शक था, जिसके चलते उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। सूत्रों के अनुसार, आरोपी बच्चों के साथ आत्महत्या करने का मन भी बना चुका था, लेकिन अंत में उसने पुलिस के पास जाना बेहतर समझा।
प्रेम विवाह का दर्दनाक अंत
मृतका नीलम (35 वर्ष) उत्तर प्रदेश के बलिया की रहने वाली थी। उसने साल 2013 में गाजीपुर के रहने वाले संतोष कुमार से प्रेम विवाह किया था। सुनहरे भविष्य के सपने लेकर यह जोड़ा यमुनानगर के शादीपुर में किराए पर रहने लगा था। संतोष यहाँ की एक प्लाईवुड फैक्ट्री में मजदूरी करता था। 11 साल पहले जिस प्रेम के लिए नीलम ने घर छोड़ा था, उसी प्रेम और शक के कारण उसे अपनी जान गंवानी पड़ी




