भीषण गर्मी और झुलसा देने वाली लू के बीच जहां आम जनमानस घरों में छिपने को मजबूर है, वहीं मानसिक मंदबुद्धि दिव्यांग सशक्तिकरण सेवा संस्था द्वारा मानवता और सेवा की एक अनूठी इबारत लिखी जा रही है। संस्था के बैनर तले दिव्यांग कार्यकर्ता पिछले 17 दिनों से हाथरस जंक्शन रेलवे स्टेशन पर रेल यात्रियों की प्यास बुझाने का महती कार्य कर रहे हैं। जल ही जीवन है के संकल्प को साकार करते इन दिव्यांगों के हौसले को देखकर रेलवे के उच्चाधिकारी भी नतमस्तक नजर आए। हाल ही में निरीक्षण पर पहुंचे उत्तर मध्य रेलवे के जीएम (महाप्रबंधक) नरेश पाल सिंह और डीआरएम (मंडल रेल प्रबंधक) रजनीश अग्रवाल ने जब इन दिव्यांगों को पसीने से तर-बतर होकर यात्रियों की सेवा करते देखा, तो वे खुद को रोक नहीं पाए। अधिकारियों ने टीम की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि शारीरिक अक्षमता के बावजूद दूसरों के प्रति यह करुणा समाज के लिए एक बड़ी सीख है। जीएम नरेश पाल सिंह ने कहा कि यह सेवा न केवल प्यास बुझा रही है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी जीवित रख रही है। संस्था के संस्थापक ने इस नेक कार्य के पीछे का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए बताया कि गर्मी के दिनों में अक्सर यात्री पानी की तलाश में चलती ट्रेन से उतरने या चढ़ने की कोशिश करते हैं, जो जानलेवा साबित होता है। भावी रेल दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ही संस्था ने यह बीड़ा उठाया है कि यात्रियों को उनकी खिड़की और सीट पर ही शीतल जल उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें ट्रेन से उतरने की जरूरत न पड़े। सेवा पथ पर जुटे ये कर्मवीर इस निःशुल्क सेवा शिविर को सफल बनाने में संस्था के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की पूरी फौज दिन-रात जुटी हुई है। सेवा कार्य में मुख्य रूप से संतोष तोमर, जिलाध्यक्ष निर्भय गुप्ता, राकेश तोमर, मुरारी लाल शर्मा, ज्ञानेन्द्र, त्रिलोकीनाथ वाष्र्णेय, इरसाद सिद्दीकी, अनिल कुमार, शशी माहेश्वर, पुष्पा, ताराचंद्र, अनिल कुमार, राजवीर, वीरेन्द्र यादव, जितेन्द्र, सत्य प्रकाश दीक्षित और सुशील शर्मा आदि पूरी निष्ठा के साथ अपना योगदान दे रहे हैं।
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS



