हरदोई में अपहरण के बाद बालक से दुष्कर्म कर हत्या करने वाला 50 हजार का इनामी मुठभेड़ में ढेर हो गया। आरोपी ने सात बार फिरौती के लिए बच्चे के परिवार को फोन किया था। आरोपी ने जनसेवा केंद्र के खाते में रुपये मांगे थे। सात बार कॉल करने में वह आठ से पांच लाख रुपये फिरौती लेने को तैयार हो गया था। बात बनती इससे पहले ही बालक का शव बरामद हो गया।

हरदोई के मल्लावां कोतवाली इलाके के एक गांव से बच्चे का अपहरण कर दुष्कर्म करने के बाद हत्या के आरोपी 50 हजार के इनामी को पुलिस ने बुधवार सुबह मुठभेड़ में मार गिराया। मटियामऊ के पास मुठभेड़ में गोली लगने से एसओजी प्रभारी भी घायल हुए हैं। घटनास्थल से चोरी की बाइक, पिस्टल, तमंचा, एक कारतूस और एक खोखा भी बरामद हुआ है। पुलिस जीप की विंडस्क्रीन में भी एक गोली लगी है।
मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में उर्स का कार्यक्रम शुक्रवार और शनिवार को था। गांव का बालक (7) उर्स देखने के लिए बीते शुक्रवार की रात गया था। देर रात तक घर वापस न आने पर परिजन ने उसकी तलाश की लेकिन कोई सुराग न मिलने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
दो मई की शाम बच्चे के पिता के मोबाइल पर कॉल कर एक शख्स ने अपहरण कर लेने की बात कहते हुए आठ लाख रुपये और फोन फिरौती में मांगे। परिजन से जानकारी मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।
इस बीच मंगलवार दोपहर बाद बालक का शव गांव से एक किलोमीटर दूर मक्के के खेत में मिट्टी में गड़ा मिला। शव का कुछ हिस्सा मिट्टी के ऊपर था। प्राथमिक जांच में दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या किए जाने की बात सामने आई थी।
उधर, दूसरी ओर पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के जरिये अपहरण कर फिरौती मांगने वाले की पहचान कर ली थी। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि कन्नौज के ठठिया थाना क्षेत्र के रोरा निस्तौली निवासी मैनूर उर्फ सैनूर उर्फ मेहनुद्दीन पर 50 हजार रुपये का इनाम भी मंगलवार को घोषित कर दिया गया था।
दावा है कि मटियामऊ के पास वाहनों की जांच के अभियान के दौरान पुलिस को देखकर बाइक सवार मैनूर भागने लगा। साथ ही पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगा। जवाबी फायरिंग में सीने में दो गोली लगने से मैनूर गंभीर रूप से घायल हो गया।
सीएचसी मल्लावां से उसे मेडिकल कॉलेज हरदोई रेफर कर दिया गया। यहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। एसओजी प्रभारी राजेश कुमार भी हाथ में गोली लगने से घायल हुए हैं और उनका उपचार मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
सात बार फिरौती के लिए किया था फोन, जनसेवा केंद्र के खाते में मांगे थे रुपये
बीती एक मई को बालक का अपहरण करने के बाद आरोपी मैनूर ने उसके पिता को फिरौती मांगने के लिए फोन करना शुरू कर दिया था। पहला फोन उसने दो मई की शाम को किया था। इसके बाद से शव बरामद होने तक उसने बालक के पिता को सात बार फोन किया।
कानपुर और इसके 50 किलोमीटर इर्द-गिर्द के क्षेत्र से मैनूर फिरौती के लिए बालक के पिता को फोन करता रहा। पुलिस से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि फिरौती मांगने पर परिजन रुपये देने को तैयार हो गए थे। आरोपी परिजन को कानपुर के रावतपुर रेलवे स्टेशन पर बुला रहा था।
परिजनों ने इतनी जल्दी रुपये का इंतजाम कर रावतपुर पहुंचने में समस्या बताई तो मैनूर ने परिजन को कोई रास्ता निकालने को कहा। फिर से फोन करने पर परिजन ने उसे बताया कि वह लोग बैंक में हैं।
कोई अकाउंट नंबर भेज दो तो उसमें रुपये भेज दें। इस पर मैनूर ने कानपुर के किदवईनगर स्थित एक जनसेवा केंद्र के संचालक से उसका यूपीआई और बैंक खाता नंबर पूछकर परिजन को बता दिया।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि आठ लाख रुपये की मांग आरोपी ने की थी। सात बार कॉल करने में वह आठ से पांच लाख रुपये फिरौती लेने को तैयार हो गया था। बात बनती इससे पहले ही बालक का शव बरामद हो गया।




