पंजाब के जालंधर और अमृतसर में देर रात हुए धमाकों के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। दोनों मामलों की जांच के लिए एनआईए की टीम पंजाब आ रही है।

पंजाब में मंगलवार रात को जालंधर और अमृतसर में बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर जबरदस्त धमाके हुए है। तीन घंटे के अंतराल पर हुए धमाकों से पुलिस प्रशासन में खलबली मची हुई है। वहीं लोगों में दहशत है।
पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है, लेकिन अब मामले की जांच के लिए एनआईए की टीम भी पंजाब पहुंच रही है।
सीसीटीवी फुटेज में हुई कैद
वहीं दोनों मामलों के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं। जालंधर की फुटेज में स्कूटी में धमाके के बाद एक व्यक्ति माैके से भागता दिख रहा है। वहीं अमृतसर की फुटेज में धमाके की तेज आवाज सुनी जा सकती है।
पंजाब में फिर सिर उठा रहा आतंकी नेटवर्क
पंजाब में एक बार फिर सुरक्षा हालात को लेकर गंभीर चिंता सामने आ रही है। पाकिस्तान समर्थित खुफिया एजेंसी, खालिस्तानी आतंकी नेटवर्क और गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ के सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। हाल के घटनाक्रम और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई से साफ है कि राज्य को अस्थिर करने की कोशिशें सुनियोजित तरीके से की जा रही हैं।
बीते महीनों में कई घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है। अप्रैल 2026 में पटियाला-राजपुरा रेल ट्रैक पर कम तीव्रता का आईईडी विस्फोट हुआ जिसे बड़े हमले की साजिश के तौर पर देखा गया। चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर ग्रेनेड हमला हुआ जिससे राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में हलचल मच गई। जनवरी 2026 में गणतंत्र दिवस से पहले सिरहिंद रेलवे ट्रैक पर विस्फोट किया गया जबकि नवंबर 2025 में मोगा के सीआईए कार्यालय पर ग्रेनेड फेंका गया था। मार्च 2025 में अमृतसर के खंदवाला इलाके में धार्मिक स्थल के बाहर विस्फोट की घटना भी सामने आई जिसकी जांच एनआईए ने की थी।
चुनाव आने वाले हैं, इसलिए हो रहा है सब
कांग्रेस नेता राज कुमार वेरका ने कहा कि यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि राज्य में चुनाव होने वाले हैं। यह इलाका केंद्र सरकार के अधीन आता है। न तो केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार यहां की स्थिति को नियंत्रित कर पा रही है। मुझे लगता है कि पंजाब में चुनावों में धांधली करने की कोई साजिश रची जा रही है।
ड्रोन से तस्करी बड़ी चुनाैती
अंतरराष्ट्रीय सीमा से ड्रोन के जरिए हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी बड़ी चुनौती बन चुकी है। अमृतसर और फिरोजपुर सेक्टर में कई बार पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से हथियार गिराए जाने के मामले सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि इन गतिविधियों के पीछे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और विदेशों में सक्रिय खालिस्तानी आतंकी शामिल हैं। इनमें रंजीत नीटा और लखबीर लंडा जैसे नाम प्रमुख हैं।
गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ भी चुनौती
इस पूरे परिदृश्य में गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ नई चुनौती बनकर उभरा है। वर्ष 2025 में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने 400 से अधिक गैंगस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया जिससे स्पष्ट हुआ कि संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच तालमेल बढ़ रहा है। यही नेटवर्क स्थानीय स्तर पर हमलों को अंजाम देने और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने में भूमिका निभा रहा है।
भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के घर पर ग्रेनेड हमला और पुलिस थानों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं दर्शाती हैं कि आतंकी संगठनों का मकसद पंजाब के शांत माहौल को बिगाड़ना और डर फैलाना है। हालांकि पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की सतर्कता से कई साजिशें नाकाम हुई हैं। इसके बावजूद सीमा पार से मिल रहे समर्थन और स्थानीय नेटवर्क के कारण चुनौती बनी हुई है। पंजाब फिलहाल संवेदनशील दौर से गुजर रहा है जहां सुरक्षा तंत्र लगातार सतर्क है।