यहां 70 फीट गहरे कुएं में फंसा तेंदुआ, वन विभाग की सूझबूझ से बची जान; रोमांचक रहा रेस्क्यू

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राजस्थान के सलूंबर जिला के लसाडिया ब्लॉक के धावड़ी गांव में 70 फीट गहरे कुएं में गिरे तेंदुए का वन विभाग ने साहसिक रेस्क्यू किया। रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत ने खुद कुएं में उतरकर ट्रैंकुलाइजर गन से तेंदुए को बेहोश किया।

Leopard trapped in a 70-foot-deep well, safe rescue: Ranger risked his life to tranquilize it.

सलूंबर जिले के लसाडिया ब्लॉक के धावड़ी गांव में गुरुवार को एक तेंदुआ 70 फीट गहरे कुंए में जा गिरा। वन विभाग की टीम ने बाहर निकालने के प्रयास किए, किंतु सफलता नहीं मिली। इस पर रेंजर रस्सी के सहारे कुंए में उतरे और ट्रेंकुलाइज गन से बेहोश करने के बाद तेंदुए को बाहर निकाला।

जानकारी के अनुसार, किसान रूपलाल अपने खेत पर मोटर चलाने पहुंचे थे, तभी उन्हें कुएं से कुछ आवाज सुनाई दी। जब उन्होंने अंदर झांककर देखा, तो तेंदुआ दिखाई दिया। उन्होंने तुरंत वन विभाग को सूचना दी, जिससे समय रहते रेस्क्यू कार्य शुरू हो सका।

खूब की मशक्कत
शुरुआत में टीम ने तेंदुए को बाहर निकालने के लिए कुएं में पिंजरा उतारा, लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद वह उसमें नहीं घुसा। स्थिति को देखते हुए रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत ने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने रस्सियों के सहारे खुद कुएं में उतरने का निर्णय लिया। नीचे पहुंचकर उन्होंने ट्रैंकुलाइजर गन की मदद से तेंदुए को बेहोश किया, जिससे रेस्क्यू कार्य को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया जा सका। इस कठिन अभियान के बाद आखिरकार टीम ने तेंदुए को सफलतापूर्वक कुएं से बाहर निकाल लिया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने समन्वय के साथ काम किया, जिससे यह ऑपरेशन सफल हो सका।

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उम्र डेढ़ साल, पूरी तरह स्वस्थ
रेस्क्यू के बाद तेंदुए को डाईखेड़ा नर्सरी ले जाया गया, जहां पशु चिकित्सकों ने उसकी जांच की। वन विभाग के अनुसार, तेंदुआ करीब डेढ़ साल का नर है और पूरी तरह स्वस्थ है। आवश्यक मेडिकल जांच के बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जाएगा।

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Author: Farheen

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