पंजाब के अमृतसर में नशे ने एक परिवार के पांच चिराग बुझा दिए। आठ वर्षों में नशे से पांच भाइयों की मौत हो गई। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया।

नशे की लत के कारण एक ही परिवार के पांच बेटों की मौत हो गई। पांचवें बेटे ने मंगलवार को गुरु नानक देव अस्पताल में आखिरी सांस ली। मृतक का नाम सोनू है और वह कपूरथला जिले के सुल्तानपुर लोधी का रहने वाला था। उसे सोमवार को इलाज के लिए अमृतसर लाया गया था। सोनू को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इससे पहले सोनू के चार भाइयों की भी नशे की लत के कारण ही मौत हो गई थी। हालांकि युवक की हालत बिगड़ने का पता चलने पर मुख्यमंत्री ने पूरा इलाज सरकारी खर्च पर करवाने की बात कही थी।
आठ वर्षों में पांच भाइयों की मौत
जानकारी के मुताबिक सुल्तानपुर लोधी के रहने वाले जोगिंदर पाल सिंह उनकी पत्नी मंजीत कौर अपने बेटे सोनू का इलाज करवाने के लिए अमृतसर आए थे। सांस में तकलीफ होने पर सोमवार को पहले कपूरथला के सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया। मगर वहां से अमृतसर रेफर कर दिया था लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सोनू के खिलाफ नशे का केस दर्ज था और वह खुद भी इसका आदि था। वहीं, इससे पहले सोनू के बड़े भाई जसविंदर सिंह की भी नशे के कारण 8 साल पहले जेल हिरासत में मौत हुई। दूसरे भाई बलविंदर की 7 साल पहले मौत हुई। तीसरे भाई रवि की मौत 2021 में हो गई थी। उस पर एनडीपीएस एक्ट का केस दर्ज था। वहीं, चौथे भाई मिथुन की मौत 2023 में हुई जिस पर भी एनडीपीएस एक्ट का केस दर्ज था।
एक ही परिवार के पांच बेटों की नशे के कारण मौत हो जाने से पुलिस प्रशासन भी सवालों के घेरे में है। क्योंकि पुलिस की ओर से दावा किया जाता है कि नशा तस्करों की कमर तोड़ दी है। जबकि मृतक के परिवार वालों का कहना है कि बड़ी आसानी से नशा बिक रहा है और कोई कुछ नहीं कर रहा। उनके घर पर भी लोग खुद ही नशा देने के लिए आ जाते थे।