प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को पचपदरा रिफाइनरी के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। 79 हजार करोड़ की इस परियोजना दो दशक पहले शुरू की गई थी। सत्ता बदलने के साथ परियोजना में कितने बदलाव आए जानिए इस रिपोर्ट में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को राजस्थान के बालोतरा जिले में पचपदरा रिफाइनरी के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। यह दौरा पिछले दो महीनों में उनका दूसरा राजस्थान दौरा होगा। इससे पहले वे 28 फरवरी 2026 को अजमेर आए थे, जहां उन्होंने हजारों करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया था।
मारवाड़ सहित पूरे पश्चिमी राजस्थान के लिए पचपदरा रिफाइनरी का खास महत्व है। इस परियोजना से बाड़मेर और जैसलमेर क्षेत्र में इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित होने की संभावना है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और सहायक उद्योगों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। जनवरी से ही पहले चरण के ट्रायल रन की तैयारी शुरू कर दी गई थी और अब जल्द ही कमर्शियल उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।
रिफाइनरी परियोजना का इतिहास भी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। इसका पहला शिलान्यास 22 सितंबर 2013 को सोनिया गांधी ने किया था, उस समय प्रदेश में अशोक गहलोत की सरकार थी और लागत करीब 37,230 करोड़ रुपए आंकी गई थी। बाद में शर्तों में बदलाव के बाद 16 जनवरी 2018 को प्रधानमंत्री मोदी ने इसका पुनः शुभारंभ किया, तब लागत बढ़कर 43,129 करोड़ रुपए हो गई। समय के साथ परियोजना की लागत लगातार बढ़ती गई और अब यह करीब 79,459 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है।