कार में जिंदा जलने से व्यवसायी की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ड्राइविंग सीट पर आराम की मुद्रा में मिला शव, खुला दरवाजा और बंद मोबाइल जैसे सुराग मामले को संदिग्ध बना रहे हैं, जिससे पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं से जांच में जुटी है।
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जोधपुर के बोरानाडा थाना क्षेत्र के भांडू पेट्रोल पंप के पास रविवार सुबह सड़क किनारे खड़ी एक मारुति-800 कार में अचानक आग लग गई, जिसमें झुलसने से 38 वर्षीय व्यवसायी भरत लूनिया की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस और एफएसएल की टीमें मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई हैं।
क्या है पूरा मामला
मृतक भरत लूनिया पुत्र हिंदूमल लूनिया, बाड़मेर के धोरीमन्ना निवासी थे और वर्तमान में जोधपुर के शोभावतों की ढाणी स्थित सीताराम नगर में रह रहे थे। रविवार सुबह करीब 9 बजे वे अपने घर से निकले थे, जिसके बाद से ही उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ आ रहा था। करीब 11:15 बजे पुलिस को सूचना मिली कि भांडू पेट्रोल पंप के पास एक कार धू-धू कर जल रही है।
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दमकल की गाड़ियों ने करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक सब जलकर राख हो चुका था। कार की ड्राइविंग सीट पर भरत का कंकाल मिला है, जिसे पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद उनके भाई नरेश लूनिया को सौंप दिया है।
संदेह के घेरे में ‘आराम की मुद्रा’
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात शव की स्थिति रही। आमतौर पर आग लगने की स्थिति में व्यक्ति खुद को बचाने का प्रयास करता है और बाहर निकलने की कोशिश करता है लेकिन भरत का शव ड्राइविंग सीट पर बिल्कुल आराम की मुद्रा में पीछे की ओर लेटा हुआ मिला। जांच में यह भी सामने आया कि कार का एक दरवाजा खुला हुआ था। ड्राइविंग सीट पीछे की तरफ झुकी हुई थी, जैसे कोई व्यक्ति विश्राम कर रहा हो। इसके अलावा घर से निकलते ही फोन बंद होना भी संदिग्ध माना जा रहा है।