प्रतिमा को हथौड़ों से नुकसान पहुंचाया गया है। प्रतिमा का चेहरा क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जबकि उसके चारों ओर लगाए गए कांच के सुरक्षा कवच और लाइटें भी तोड़ दी गईं। यह सुरक्षा इंतजाम पहले हुई एक घटना के बाद किए गए थे।

होशियारपुर के नूरपुर जट्टां गांव में बीती रात अज्ञात शरारती तत्वों ने डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, प्रतिमा को हथौड़ों से नुकसान पहुंचाया गया है। प्रतिमा का चेहरा क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जबकि उसके चारों ओर लगाए गए कांच के सुरक्षा कवच और लाइटें भी तोड़ दी गईं। यह सुरक्षा इंतजाम पहले हुई एक घटना के बाद किए गए थे।
गांव के सरपंच शिंगारा राम ने बताया कि प्रतिमा का अपमान किया गया है और सुरक्षा के इंतजाम भी तोड़ दिए गए हैं। लोगों में रोष है और प्रशासन को सूचित कर दिया गया है।
पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर और गढ़शंकर के विधायक जय कृष्ण रौरी पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भड़काऊ संदेशों से दूर रहें। अधिकारियों ने कहा कि माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बसपा ने की सख्त कार्रवाई की मांग
वहीं स्थानीय विधायक जय कृष्ण सिंह रौड़ी के साथ अवतार सिंह करीमपुरी की तीखी बहस भी हुई। करीमपुरी ने इस घटना को राज्य सरकार की विफलता बताते हुए कहा कि सरकार सार्वजनिक स्थलों और महापुरुषों की प्रतिमाओं की सुरक्षा करने में नाकाम रही है।
हालांकि जय कृष्ण सिंह रौड़ी ने स्थिति को शांत करने की कोशिश की, लेकिन करीमपुरी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अगर सरकार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाती, तो बसपा कार्यकर्ता खुद प्रतिमा की सुरक्षा करेंगे।
करीमपुरी ने 18 अप्रैल को गांव नूरपुर जट्टां में बसपा की बड़ी रैली बुलाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता और गांव के लोग मिलकर प्रतिमा की सुरक्षा के लिए निर्णय लेंगे, जिसमें बाउंड्री वॉल बनाना और जरूरत पड़ने पर पूर्व सैनिकों की तैनाती करना भी शामिल है। गांव में फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।