पंजाब के फिरोजपुर के जीरा में चाचा और भतीजों के बीच चल रहे विवाद के बाद गोलियां चली। इस घटना में गाड़ी लेकर पत्नी के साथ जा रहे राहगीर को गोली लगी है। उसे फरीदकोट मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।

फिरोजपुर के विधानसभा हलका जीरा के गांव बूले में गोलियां चली हैं। यहां दो गुट मिट्टी खनन को लेकर आमने-सामने हो गए। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों गुटों के झगड़े में गोलियां चलीं। गोली लगने से एक व्यक्ति घायल हुआ है, जिसे अस्पताल ले जाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी जीरा जसपाल सिंह ढिल्लों मौके पर पहुंचे।
जानकारी के अनुसार दो पक्षों में झगड़ा हो गया और एक-दूसरे पर गोलियां चलाई गईं। फायरिंग के दौरान वहां से गाड़ी लेकर गुजर रहे मनप्रीत को गोली लगी है। वह पत्नी के साथ अपने रिश्तेदार के घर जा रहा था। गोली उसके जबड़े को चिरती हुई गाड़ी की ड्राइवर सीट पर जा लगी। उसे जीरा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे फरीदकोट के सरकारी मेडिकल अस्पताल रेफर कर दिया है।
इस दौरान डीएसपी जीरा जसपाल सिंह ढिल्लों ने कहा कि जसवंत सिंह और उसके भतीजे लंबे समय से मिट्टी खनन के धंधे में शामिल हैं। उनके बीच कहासुनी चल रही थी और इसी कहासुनी की वजह से यह फायरिंग की घटना हुई है। मामले की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान जब हमने जसवंत सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि माझा से आकर जीरा में रह रहे उनके भतीजों के साथ बुरा बर्ताव हो रहा है और उनके खिलाफ माझा में भी मामले दर्ज हैं, जो चोरी और दूसरे गैर-कानूनी काम कर रहे हैं। उन्होंने इंसाफ की मांग की।
जसवंत सिंह ने आरोप लगाया कि उनके भतीजे जज सिंह, तरसेम सिंह, दीदार सिंह, गुरप्रीत सिंह माझा से आकर जीरा में रह रहे हैं, उन पर गोलियां चलाई गई हैं। जसवंत ने अपने बचाव में आरोपियों पर फायरिंग की। इस फायरिंग के दौरान जब भतीजे ने गोली चलाई तो एक राहगीर मनप्रीत सिंह, जो अपनी पत्नी के साथ फरीदकोट से लौट रहा था, वह गोली लगने से घायल हो गया और गनीमत रही कि उसकी जान बच गई।




