भारत विश्व के सबसे बड़े हींग उपभोक्ताओं में शामिल है और हर साल लगभग 1200 से 1500 टन हींग का आयात करता है। जिसमें बड़ा हिस्सा ईरान और अफगानिस्तान से आता है।

पश्चिम एशिया और मध्य एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब आम आदमी की रसोई तक पहुंचने लगा है। ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के साथ-साथ अफगानिस्तान-पाकिस्तान के हालात ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर डाला है।
इसका सीधा प्रभाव हींग की सप्लाई पर पड़ा है। जिससे कीमतों में उछाल और बाजार में मिलावट की समस्या बढ़ गई है।
अमृतसर, जो अपने पारंपरिक फूड प्रोडक्ट्स खासकर पापड़ और वड़ियों के लिए जाना जाता है, इस संकट से अछूता नहीं है। हींग, जो इन उत्पादों का प्रमुख घटक है, उसकी आपूर्ति बाधित होने से स्थानीय उद्योग पर दबाव बढ़ गया है।
इसका सीधा प्रभाव हींग की सप्लाई पर पड़ा है। जिससे कीमतों में उछाल और बाजार में मिलावट की समस्या बढ़ गई है।
अमृतसर, जो अपने पारंपरिक फूड प्रोडक्ट्स खासकर पापड़ और वड़ियों के लिए जाना जाता है, इस संकट से अछूता नहीं है। हींग, जो इन उत्पादों का प्रमुख घटक है, उसकी आपूर्ति बाधित होने से स्थानीय उद्योग पर दबाव बढ़ गया है।