एसडीएम पति-पत्नी के बीच विवाद सामने आया है। मामले में महिला थाने में एफआईआर हुई है। दहेज की मांग को लेकर यह विवाद हुआ है। शादी के पहले भी दहेज की मांग को लेकर मनमुटाव हो गया था।

जनपद चंदौली सदर तहसील में तैनात एसडीएम दिव्या ओझा के पिता ने अपने दामाद पीडीडीयू नगर के तहसील में तैनात एसडीएम अनुपम मिश्रा और उनके परिवार वालों के खिलाफ महिला थाने में दहेज उत्पीड़न की प्राथमिकी दर्ज कराई है।
शहर के शुकुलपुर दहिलामऊ की रहने वाली एसडीएम दिव्या मिश्रा के पिता पूर्व प्राचार्य निशाकांत ओझा ने दर्ज कराई गई एफआईआर में बताया कि उन्होंने अपनी एसडीएम बेटी दिव्या ओझा की शादी एक दिसंबर 2020 को प्रयागराज जनपद के नैनी एमआईजी -11 एडीए कॉलोनी के रहने वाले एसडीएम अनुपम मिश्रा के साथ की थी।
दहेज में 20 करोड़ रुपये की मांग की गई लेकिन उन्होंने मना कर दिया था। हैसियत के अनुसार सगाई से पूर्व 38 लाख रुपये, 40 लाख के जेवरात व सात लाख के सामान दिए। विवाह के पश्चात उनकी बेटी को दहेज के लिए निरंतर मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना दी गई। कई बार गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया गया।
चंदौली जनपद के अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तंत्र- मंत्र भी बेटी पर किया गया। चंदौली प्रशासन के कार्रवाई न करने पर एडीएम दिव्या ओझा के पिता निशाकांत ओझा ने एसपी से मिलकर शिकायती पत्र दिया।
जिसके आधार पर महिला थाने में एसडीएम अनुपम मिश्रा, उनके पिता प्रमोद मिश्रा, मां शशि मिश्रा, बहन पूजा पांडेय व प्रीति पांडेय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
एसडीएम दिव्या ओझा के पिता की तहरीर पर उनके पति एसडीएम अनुपम मिश्रा व परिजनों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की प्राथमिकी दर्ज हुई है। विवेचना के बाद विधिक कार्रवाई होगी।
पूर्व मंत्री की भतीजी हैं एसडीएम दिव्या ओझा
चंदौली सदर की एसडीएम दिव्या ओझा भाजपा के वरिष्ठ नेता व प्रदेश के पूर्व मंत्री की भतीजी हैं। इस घटना से परिवार के लोग खासे परेशान हैं।
चंदौली सदर की एसडीएम दिव्या ओझा भाजपा के वरिष्ठ नेता व प्रदेश के पूर्व मंत्री की भतीजी हैं। इस घटना से परिवार के लोग खासे परेशान हैं।
शादी के पहले से दहेज की मांग को लेकर हो गया था मनमुटाव
चंदौली एसडीएम दिव्या ओझा के पिता के अनुसार शादी तय होने के पहले ही अनुपम मिश्रा के परिजनों ने 20 करोड़ रुपये व इनोवा कार की मांग की थी। जिसे देने से मना कर दिया था। इसे लेकर मनमुटाव भी था लेकिन रिश्ता हो जाने पर सबकुछ ठीक होने की उम्मीद के चलते विवाह कर दिया गया।
चंदौली एसडीएम दिव्या ओझा के पिता के अनुसार शादी तय होने के पहले ही अनुपम मिश्रा के परिजनों ने 20 करोड़ रुपये व इनोवा कार की मांग की थी। जिसे देने से मना कर दिया था। इसे लेकर मनमुटाव भी था लेकिन रिश्ता हो जाने पर सबकुछ ठीक होने की उम्मीद के चलते विवाह कर दिया गया।
अनुपम की दोनों बहनें अनुपम के कार्यस्थल वाले निवास पर भी रहती थीं, जिससे विवाद की नौबत आती रही। पारिवारिक मामलों में बराबर दखल देती रहीं। बेटी पर नौकरी छोड़ने का भी दबाव बनाया जाता रहा। अनुपम के ननिहाल के लोगों से जिंदगी बर्बाद कराने की धमकी भी दी जाती थी।
20 वर्ष तक तलाक न देने व उनकी बेटी के जेवरात व रुपये रख लिए गए। उसे ब्लैकमेल भी किया जाता रहा। उसे तंत्र क्रियाओं के जरिए पागल घोषित करने का भी प्रयास किया गया। एसडीएम के पिता ने बेटी की सुरक्षा में पुलिसकर्मी तैनात करने, स्त्रीधन वापस बरामद कराते हुए प्रकरण की जांच कार्रवाई की मांग की।