आयोग ने साफ कहा कि स्कूलों में अनुशासन के नाम पर किसी भी प्रकार का शारीरिक दंड या मानसिक उत्पीड़न स्वीकार नहीं किया जा सकता। छात्राओं को सार्वजनिक रूप से इस तरह अपमानित करना उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने हिसार के अग्रोहा ब्लॉक के गांव जगान स्थित सरकारी उच्च विद्यालय में छात्राओं को अपमानजनक सजा देने की घटना को गंभीरता से लिया है। आयोग के अनुसार यह मामला 7 मार्च 2026 को एक समाचार रिपोर्ट के माध्यम से सामने आया था। रिपोर्ट में बताया गया कि स्कूल में कुछ छात्राओं को मुर्गा बनाकर पूरे परिसर में घुमाया गया। इस घटना के तीन वीडियो भी सामने आए हैं, जिन्हें जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में ई-मेल से भेजा गया है।
वीडियो सामनेआने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी है। हरियाणा मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा और सदस्य कुलदीप जैन व दीप भाटिया ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह छात्राओं की गरिमा, सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है।
वीडियो सामनेआने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी है। हरियाणा मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा और सदस्य कुलदीप जैन व दीप भाटिया ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह छात्राओं की गरिमा, सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है।