हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश झींडा व बलजीत सिंह दादूवाल के बीच चल रही लड़ाई अब सड़क पर आ गई है। पंजाब के पटियाला में जगदीश सिंह झींडा ने दादूवाल पर रास्ता रोककर हमला करने का आरोप लगाया है जबकि दादूवाल ने इन आरोपों को खारिज किया है। दोनों पक्षों की ओर से मामला पंजाब पुलिस तक पहुंच गया है।
इसके बाद दादूवाल ने अपने हथियारबंद साथियों को हिदायत दी कि वे मुझे (जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा) को गोली मार दे। जब हथियारबंद साथियों द्वारा मुझ पर गोली नहीं चलाई गई, तो दादूवाल गाड़ी से उतरे और पिस्तौल अपने हाथ में ले ली। इसके बाद मेरी गाड़ी के चालक ने मौका देखकर गाड़ी को चला दिया और दादूवाल ने मेरी गाड़ी की खिड़की का हैंडल पकड़ कर उसे खोलने का प्रयास किया, लेकिन गाड़ी चलने की वजह से हैंडल टूट गया।
इस दौरान मेरे साथ ड्यूटी कर रहे हरियाणा पुलिस के सुरक्षा कर्मचारी ने भी हमलावर गुट से बचाव का प्रयास किया। यहां जारी किए बयान में झींडा के अनुसार गुरु साहिब की कृपा के चलते आज उनकी जान बच गई है, लेकिन बलजीत सिंह दादूवाल से उन्हें और उनके परिवार को जान का खतरा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस बारे में कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के जो सदस्य मौके पर पहुंचे, उन्होंने कहा कि हमारे आपसी राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं की किसी की गाड़ी रोककर उसे मारने की कोशिश की जाए। मौके पर पहुंचे सदस्यों में जत्थेदार करनैल सिंह निम्नाबाद, कुलदीप सिंह मुल्तानी, इंद्रजीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह, गुरनाम सिंह लाडी डबरी, किसान नेता अमरजीत सिंह मोहड़ी, जोगिंदर सिंह और अन्य भी मौजूद थे।
दादूवाल बोले, पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए झींडा ने रचा षड्यंत्र
बलजीत सिंह दादूवाल का कहना है कि जगदीश सिंह झींडा बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने ही समागम के दौरान गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की जिस पर संगत ने कड़ा एतराज जताया। यहां तक की समागम के दौरान झींडा द्वारा किए गए व्यवहार की शिकायत पुलिस के पास भी संगत की ओर से दी गई है जिससे बचने के लिए ही उन्होंने हमला करने का झूठा षड्यंत्र रचा है। पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग तक है।