हरियाणा के 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट: 19 से आंधी-बारिश व ओलावृष्टि के आसार, दिन-रात के तापमान सामान्य से नीचे आए

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हरियाणा में मार्च के अंत और अप्रैल महीने के पहले पखवाड़े में लगातार एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ अपना असर दिखाएंगे। इसकी वजह से संपूर्ण मैदानी राज्यों में मौसम में बदलाव और हल्की बूंदाबांदी के साथ अंधड़ और छिटपुट ओलावृष्टि की गतिविधियों की संभावना बन रही है।
Orange Alert in 6 Districts of Haryana: Gusty Winds, Rain, and Hail Forecast from the 19th

प्रदेश में 19 से 21 मार्च के बीच तेज गति की हवाओं के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि के आसार हैं। भारतीय मौसम विभाग ने 6 जिलों के लिए ऑरेंज और 17 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के अधिकतर जिलों में रात का तापमान सामान्य से नीचे आ गया है। सिरसा में रात का तापमान सबसे कम 10.9 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से 2.6 डिग्री कम रहा। हिसार में रात का तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 4.8 डिग्री कम था।

मार्च महीने के दूसरे सप्ताह में मौसम में आया बदलाव अब पूरे मार्च तक रहने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञ डॉ चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी राज्यों में बारिश आंधी और ओलावृष्टि हुई हवाएं चलने से पूरे हरियाणा में तापमान में गिरावट आई है। दिन और रात के तापमान सामान्य से नीचे आ गए हैं। प्रदेश में अधिकतर स्थानों पर रात्रि तापमान 10 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। दिन के तापमान भी सामान्य से नीचे बने हैं।

मार्च के अंत और अप्रैल महीने के पहले पखवाड़े में लगातार एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ अपना असर दिखाएंगे। इसकी वजह से संपूर्ण मैदानी राज्यों में मौसम में बदलाव और हल्की बूंदाबांदी के साथ अंधड़ और छिटपुट ओलावृष्टि की गतिविधियों की संभावना बन रही है। 18 मार्च रात को एक नया मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होगा।

इसके चलते 19-21 मार्च के दौरान हल्की से मध्यम बारिश के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं अंधड़-आंधी चलने की आशंका है। इस दौरान दिन और रात के तापमान सामान्य से नीचे दर्ज होंगे। भारतीय मौसम विभाग ने अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, करनाल, पानीपत जिलों के लिए अ़ॉरेंज अलर्ट जारी किया है।

बारिश व ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए किसान फसलों में इस समय पानी न लगाएं। यदि फसल कटी हुई है तो उसे सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढक कर संरक्षित करें। सब्जियों व कतार वाली फसलों में मिट्टी चढ़ाएं ताकि वे गिरे नहीं। बारिश के पूर्वानुमान के दौरान उर्वरक या कीटनाशकों का छिड़काव न करें। – डॉ. ओपी बिश्नोई, वरिष्ठ वैज्ञानिक, गेहूं विभाग, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय। 

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Author: priya singh

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