कूड़े की गाड़ियों को वजन के आधार पर भुगतान किया जाता था, जिसका फायदा उठाते हुए ठेकेदार कूड़े में ईंट-पत्थर मिलाकर वजन बढ़ा रहा था और निगम से अधिक पैसे वसूल रहा था। यह लंबे समय से चल रहा था।

यह छापामारी सुबह साढ़े सात बजे की गई। मेयर के साथ आप नेता सौरभ सेठ भी थे। जानकारी के मुताबिक, मेयर डंपिंग ग्राउंड पर खड़े होकर कूड़ा ढोने वाली गाड़ियों की निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान एक टिप्पर जब कूड़ा डालने पहुंचा तो शक होने पर उसे खाली करवाया गया। जांच में सामने आया कि कूड़े की जगह उसमें मकान का मलबा भरा हुआ था।
मौके पर ही मेयर ने टिप्पर मालिक को कड़ी फटकार लगाई और नगर निगम कमिश्नर को संबंधित ठेकेदार सतपाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि कूड़े की गाड़ियों को वजन के आधार पर भुगतान किया जाता था, जिसका फायदा उठाते हुए ठेकेदार कूड़े में ईंट-पत्थर मिलाकर वजन बढ़ा रहा था और निगम से अधिक पैसे वसूल रहा था। यह धंधा लंबे समय से चल रहा था।
सूत्रों के अनुसार, उक्त ठेकेदार पर पहले भी दो बार 2-2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। बावजूद इसके, नियमों की अनदेखी जारी रही। अब नगर निगम इस ठेके को रद्द करने और आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है।