
टटीरी गाने के विवाद में फंसे गायक आदित्य सिसोदिया उर्फ बादशाह शुक्रवार को पानीपत में राज्य महिला आयोग की सुनवाई में पेश नहीं हुए। उनके अधिवक्ता ने कहा वह एक कार्यक्रम के लिए व्यस्त हैं और कुछ समय दिया जाए। इस पर आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया ने सख्त नाराजगी जाहिर की। साथ ही पानीपत, जींद और पंचकूला पुलिस से बादशाह को तुरंत गिरफ्तार करने और उनका पासपोर्ट जब्त करने को कहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र लिखकर पूरे देश में बादशाह के कार्यक्रमों पर रोक लगाने की मांग की है।
आयोग बात सुनने को तैयार नहीं है: वकील
बादशाह के अधिवक्ता अक्षय दहिया ने कहा कि उन्हें कोई समन नहीं मिला है, फिर भी वह समय मांगने के लिए आए थे, लेकिन आयोग ने उनकी बात नहीं सुनी। बादशाह माफी मांग चुके हैं और गाने को भी हटा दिया गया है। इसके बावजूद भी आयोग उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। यह एक तरह की राजनीति के तहत किया जा रहा है।
क्या आयोग के कहने पर हो सकती है गिरफ्तारी?
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता मनोज कुमार के मुताबिक आयोग सीधे तौर पर किसी को गिरफ्तार करने का आदेश जारी नहीं कर सकता है, गिरफ्तारी या किसी तरह की कार्रवाई के लिए आयोग सिफारिश कर सकता है। इसी तरह किसी का पासपोर्ट रद्द करने के लिए भी आयोग संबंधित पासपोर्ट ऑफिस के वरिष्ठ अधिकारियों को सिफारिश कर सकता है। राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम 1990 के तहत आयोग महिलाओं से जुड़े उत्पीड़न, हिंसा या भेदभाव की शिकायत लेकर उसकी जांच को लेकर पुलिस या प्रशासन से रिपोर्ट मांग सकता है। संबंधित व्यक्ति या अधिकारियों को आयोग के समक्ष बुलाने के लिए समन जारी कर सकता है। पुलिस या सरकार को कार्रवाई करने की सिफारिश कर सकता है। यदि अपराध बनता है तो एफआईआर दर्ज करने या जांच करने को कह सकता है। अंतिम फैसला पुलिस या अदालत का होता है।